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गुजरात: द्वारिका में 93 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा श्रीकृष्ण संग्रहालय, श्रद्धालु देख सकेंगे दिव्य लीलाएं और गीता संदेश

Published: Thu, 22 Oct 2026 04:23 PM (IST)

द्वारिका में 93 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य श्रीकृष्ण संग्रहालय बनाया जा रहा है, जो नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों से जोड़ेगा।

गुजरात के द्वारिका में निर्माणाधीन श्रीकृष्ण संग्रहालय के दृश्य (फोटो- गुजरात सूचना विभाग)

गुजरात के द्वारिका में निर्माणाधीन श्रीकृष्ण संग्रहालय के दृश्य (फोटो- गुजरात सूचना विभाग)

HighLights

  1. नई पीढ़ी तक नौ थीम गैलरी पहुंचाएगी श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाएं व गीता संदेश

  2. इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरएक्टिव डिजिटल डिस्प्ले, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग

  3. गोकुल और वृंदावन, गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला, रासलीला के दर्शन

शत्रुघ्‍न शर्मा, अहमदाबाद। द्वारिका में नई पीढी तक भगवान श्री क्रष्‍ण के संदेश को पहुंचाने के लिए राज्‍य सरकार 93 करोड की लागत से थीम गैलेरियां तैयारी कराएगी। इनके जरिए भारत की सांस्कृतिक धरोहर, गौरवशाली इतिहास का दर्शन कराने के साथ भावी पीढी के जीवन को मूल्‍यों के साथ गढा जा सकेगा।

द्वारिकाधीश मंदिर से डेढ किमी की दूरी पर 92.70 करोड़ रु की लागत से विकसित किया जा रहा श्रीकृष्ण संग्रहालय राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी सांस्कृतिक परियोजना है।

इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र, उनकी दिव्य लीलाओं, उनके दर्शन और भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेश को एक ही स्थान पर आकर्षक ढंग प्रस्‍तुत करना है। यहां आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए आगंतुकों को विषय से भावनात्मक और बौद्धिक रूप से जोड़ा जाएगा।

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संग्रहालय में श्रीकृष्ण के जीवन के अनुरूप विभिन्न नौ थीम आधारित गैलरी का निर्माण किया जा रहा है। विशेष लैंडस्केप क्षेत्र, कमल तालाब, लाइट एंड साउंड प्रोजेक्शन शो और एम्फीथिएटर होगा, संग्रहालय को ज्ञान, सौंदर्य, आध्यात्मिकता और मनोरंजक शैक्षणिक केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा।

श्रीकृष्ण संग्रहालय का विशेष आकर्षण इसकी नौ थीम आधारित गैलरियाँ होंगी, इनमें उनकी बाल लीलाओं, गोकुल और वृंदावन के प्रसंगों, गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला, कालिया नाग के मर्दन और रासलीला जैसे प्रसंगों को दिखाया जाएगा।

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इसके अलावा मथुरा गमन, कंस वध, स्वर्ण नगरी द्वारका की स्थापना और महाभारत में श्रीकृष्ण की निर्णायक भूमिका की झांकी होगी। मूर्तियों, चित्रों, विभिन्न कलाकृतियों, हस्तशिल्प और प्रतिकृतियों के जरिए इन्‍हें प्रस्तुत किया जाएगा। श्रीकृष्ण संग्रहालय में उन्नत डिजिटल और इमर्सिव टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा।

इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरएक्टिव डिजिटल डिस्प्ले, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, टचस्क्रीन सूचना कियोस्क और मोशन सेंसर आधारित अनुभवों के माध्यम से आगंतुकों को श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों से अधिक निकटता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था, साउंडस्केप, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन के समन्वय से संग्रहालय एक खास अनुभूति कराऐगा। यह संग्रहालय भारतीय ज्ञान परंपरा को सरलता से समझने और उसके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का माध्यम बनेगी।

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