विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुजरात में लिपिक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक, अपराध शाखा व एटीएस ने 16 आरोपियों को दबोचा

By Jagran NewsEdited By: Shashank Mishra
Published: Sun, 29 Jan 2023 09:50 PM (IST)

पेपर लीक कांड की कर्ताधर्ता वडोदरा की स्टेट वाइज टेक्नोलॉजी के संचालक भास्कर गुलाबचंद चौधरी समेत गुजरात बिहार उड़ीसा दिल्ली ...और पढ़ें

सरकार ने तुरंत इस परीक्षा को रद करते हुए परीक्षार्थियों को सरकारी बस सेवा में निशुल्क जाने की सुविधा दी।
सरकार ने तुरंत इस परीक्षा को रद करते हुए परीक्षार्थियों को सरकारी बस सेवा में निशुल्क जाने की सुविधा दी।

अहमदाबाद, राज्य ब्यूरो। पंचायत विभाग में कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो जाने के कारण सरकार ने प्रतिस्पर्धा परीक्षा को तुरंत रद कर दिया, एटीएस एवं अपराध शाखा ने पेपर लीक कांड के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस मामले में अब तक 16 लोगों को दबोचा है। पेपर लीक कांड की कर्ताधर्ता वडोदरा की स्टेट वाइज टेक्नोलॉजी के संचालक भास्कर गुलाबचंद चौधरी समेत गुजरात बिहार उड़ीसा दिल्ली तथा उड़ीसा के करीब 16 लोगों की धरपकड़ की जा चुकी है।

सूरत अपराध शाखा एवं गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते की टीम ने मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों में एक अंतर राज्य गिरोह का पर्दाफाश कर पेपर लीक कांड के मुख्‍य सूत्रधार समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कई धाराओं में मुकदमा हुआ दर्ज

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एवं गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी के निर्देश के बाद गुजरात पुलिस सक्रिय हुई। गुजरात पंचायत पसंदगी बोर्ड की ओर से कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था। रविवार दोपहर परीक्षा शुरू होनी थी लेकिन सुबह गुजरात पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को इस प्रतियोगी परीक्षा के पेपर के साथ दबोच लिया तथा पेपर का मिलान करने पर वह इस भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र निकला।

इसके चलते सरकार ने तुरंत इस परीक्षा को रद करते हुए परीक्षार्थियों को सरकारी बस सेवा में निशुल्क अपने गंतव्य पर जाने की सुविधा दी तथा जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित करने का भी आश्वासन दिया।

इससे पहले आईबी, एसओजी, एटीएस शहर एवं ग्रामीण पुलिस इस अंतरराज्य गिरोह की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी, पेपर लीक कांड के मुख्य सूत्रधार भास्कर चौधरी तथा केतन बारोट कुछ समय से जांच एजेंसियों के राडार पर थे। इन्‍होंने वडोदरा, सूरत, राजकोट भावनगर साबरकांठा जिलों में एजेंटों के जरिए यह जाल बिछा रखा था, पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उड़ीसा मूल के प्रदीप नायक व मूल बिहार के भास्कर चौधरी को पेपर बेचने से पहले ही दबोच लिया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 409 420 तथा 120 बी के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पेपर लीक कांड के कारण एक बार फिर गुजरात की प्रतियोगी परीक्षाएं शंकाओं के घेरे में है, कांग्रेस विधायक अर्जुन मोढवाडिया ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने तथा राज्य में पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं करने के कारण बार-बार इस तरह की घटनाओं को गुजरात के लिए शर्मनाक बताया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ईसुदान गढवी ने भी पेपर लीक कांड पर सरकार को आड़े हाथ लिया है।

यह भी पढ़ें - सभी शेयरों पर लागू हुई T+1 सेटलमेंट व्यवस्था, सौदे के एक दिन के भीतर खाते में आ जाएंगे पैसे

यह भी पढ़ें - Fact Check : पीएम मोदी के बागेश्‍वर धाम जाने की बात झूठी, वायरल पोस्‍ट में नहीं है सच्‍चाई