अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा पास नहीं करने वाले 9 हजार से अधिक वकीलों पर बार काउंसिल ऑफ गुजरात ने वकालत करने पर रोक लगा दी है। गुजरात के 9168 वकील फिलहाल राज्य की किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेंगे। बार काउंसिल ऑफ गुजरात की सामान्य सभा में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया। बार काउंसिल में 2009 से लेकर 2021 तक 39445 वकील रजिस्टर किए गए। काउंसिल की ओर से बताया गया है कि राज्य के 30277 वकीलों ने ही ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण की है।

ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य

बार काउंसिल ऑफ गुजरात के अध्यक्ष किशोर त्रिवेदी एवं उपाध्यक्ष करण सिंह वाघेला आदि की मौजूदगी में बैठक हुई। बार काउंसिल की पंजीकरण समिति के अध्यक्ष अनिल अकेला ने एक बयान जारी कर बताया कि 2009 के बाद किसी भी वकील को अदालत में वकालत करने के लिए ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। जो भी वकील यह परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं उन्हें राज्य में किसी भी अदालत में वकालत नहीं करने दी जाएगी। अकेला बताते हैं कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अगले 2 साल में इन वकीलों को परीक्षा पास करने की मंजूरी दी गई है। इससे पहले गुजरात के 9168 वकील ऐसे हैं जिन्हें 2 साल के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट दिया गया था ताकि इस कार्य अवधि में वह बार काउंसिल की परीक्षा को पास कर ले लेकिन इस अवधि के दौरान भी यह वकील बार काउंसिल बार परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके।

भेजी गयी वकीलों की सूची

इन सभी वकीलों की सूची राज्य के सभी जिला एवं तहसील तथा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन को भेज कर इनकी वकालत पर लगाई गई रोक की जानकारी दी गई है। तथा इन वकीलों के किसी भी अदालत में वकालत करते पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी व न्यायिक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है। बार काउंसिल की सामान्य सभा में एलडीसी कमेटी के चेयरमैन मनोज अनडक्ट, बार काउंसिल ऑफ गुजरात के सदस्य दिलीप पटेल सदस्य शंकर सिंह गोहिल दीपेन दवे जी के पटेल हीरा भाई पटेल नलिन पटेल किरण बारोट आदि उपस्थित रहे।

Edited By: Babita Kashyap