अहमदाबाद में 'ब्लैक ब्लड' स्कैमर्स का भंडाफोड़, बुजुर्गों से ऐंठते थे लाखों रुपये, बैंक मैनेजर ने किया पर्दाफाश
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने 'ब्लैक ब्लड' स्कैम का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बुजुर्गों को नकली इलाज का झांसा ...और पढ़ें

अहमदाबाद में ब्लैक ब्लड स्कैमर्स का पर्दाफाश (प्रतीकात्मक फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से ब्लैक ब्लड स्कैम का एक मामला सामने आया है। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया जो दर्द से जूझ रहे बुजुर्गों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहा था।
बैंक ऑफ बड़ौदा के एक बैंक मैनेजर की सूझबूझ से इस गैंग का पर्दाफाश हुआ है। दो दिनों से एक बुज़ुर्ग व्यक्ति अपने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से बड़ी रकम निकालने के लिए ब्रांच आ रहा था। बैंक मैनेजर को शक हुआ कि ये बुजुर्ग व्यक्ति डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार बन रहा है।
अहमदाबाद में 'ब्लैक ब्लड' स्कैम
मैनेजर की शिकायत पर पुलिस इंस्पेक्टर जेपी ठाकोर और उनकी टीम बैंक पहुंची, तो CCTV फुटेज में एक संदिग्ध आदमी पास में घूमता हुआ दिखा, जो बुज़ुर्ग पीड़ित पर रेकी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में 35 साल के मोहम्मद अमजद को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पुलिस के आगे साजिश का खुलासा किया है।
अहमदाबाद में यह गैंग अस्पतालों, बाजारों और सत्संगों में बुजुर्ग लोगों की तलाश करती थी। ये लोग मददगार अजनबी बनकर सीनियर सिटीजन की चलने-फिरने की दिक्कतों पर हमदर्दी जताते और उनका भरोसा जीतने के लिए एक मशहूर स्पेशलिस्ट डॉ. दीवान का झूठा रेफरेंस देते थे।
गैंग का एक और सदस्य फोन पर एक पुराने मरीज के तौर पर बात करता था और दावा करता था कि उसकी अपनी मां को डॉ. दीवान ने ठीक किया है जबकि कहीं और 15 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला था।
एक बूंद की कीमत 7,000 रुपये
गैंग के ये लोग जब एक बार किसी बुजुर्ग को अपनी बातों के जाल में फंसा लेते, तब वे उनके घर में घुसकर इलाज करने का झूठा नाटक करते। गैंग से लोग बुजुर्ग के शरीर में सुई घुसाकर 'काला खून' आने की बात कहते।
बुजुर्गों से काले खून के थक्के पड़ने की बात कहकर उन्हें डरा देते और इस काले खून की एक बूंद को निकालने की कीमत 7,000 रुपये बताते। अहमदाबाद में भी वे एक बुजुर्ग के साथ ऐसा ही कर रहे थे।
ब्लैक ब्लड स्कैमर्स का यह गैंग इस मामले में बुजुर्ग से चार लाख रुपये के करीब ऐंठ चुका था। इन झूठे डॉक्टरों की फीस के और 2.5 लाख रुपये देने के लिए जब बुजुर्ग बैंक पहुंचे, तब इस गैंग का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस इस मामले में गैंग से जुड़े बाकी लोगों की तलाश कर रही है।
