सेंट पीटर्सबर्ग, एपी। ये युवा हैं, नाजुक हैं और सामूहिक रूप से अरबों डॉलर के लायक हैं। फ्रांस की टीम में बस एक चीज की कमी है और वह है एक अंतरराष्ट्रीय खिताब की। काइलियन एमबापे, पॉल पोग्बा और फ्रांस को अब वह मौका मिल चुका है। बेल्जियम के खिलाफ सैमुअल उमतिति ने हेडर के जरिये गोल दागा जिसके गवाह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन बने जो वीआइपी बॉक्स में बैठकर मैच का लुत्फ उठा रहे थे। जीत के बाद फ्रांस के स्टार एंटोनी ग्र्रीजमैन जश्न मना रहे थे और कह रहे थे, विवे ला फ्रांस (लांग लिव फ्रांस)। वीवे ला रिपब्लिक (लांग लिव रिपब्लिक)। 

डिफेंडर उमतिति को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उन्होंने इस अहम मुकाबले में गोल दागा है। मैच के बाद उमतिति ने कहा कि वह मैं ही था जिसने गोल किया लेकिन हम सबने एक बड़े मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन किया। रेफरी की सीटी बजते ही फ्रांस के खिलाड़ी नाचने लगे जबकि उनके समर्थक तो काफी पहले से ही जीत का जश्न मना रहे थे। विश्व कप में खेल रही फ्रांस की टीम की औसत आयु 26 साल है। फ्रांस ने जब विश्व कप जीता था तब 19 वर्षीय एमबापे का जन्म भी नहीं हुआ था जिनकी जड़ अल्जीरिया और कैमरून से जुड़ी हुई हैं। वहीं सेमीफाइनल में गोल दागने वाले उमतिति का जन्म कैमरून में हुआ था। विश्व कप के दौैरान फ्रांस के कोच दिदिएर डेसचैंप्स की कई बार आलोचना भी हुई कि वह टीम में कई सुपरस्टार खिलाडिय़ों के होने के बावजूद ज्यादा व्यवहारिक और कार्यात्मक हैं लेकिन विरोधी टीम के खिलाफ टीम का संगठन शानदार रहा। यह एक ऐसा विश्व कप है जहां सेट पीसेस से ज्यादा गोल हो रहे हैं और फ्रांस ने भी बेल्जियम के खिलाफ ग्र्रीजमैन की कॉर्नर किक पर उमतिति के हेडर के जरिये गोल दागा। उमतिति के गोल का जश्न वीआइपी बॉक्स में भी मना। बेल्जियम के किंग फिलिप ने फीफा अध्यक्ष गिएनी इंफेंटीनो की मौजूदगी में फ्रांस के राष्ट्रपति को हाथ मिलाकर बधाई दी। 

डेसचैंप्स की खुशी का ठिकाना नहीं 

सेंट पीटर्सबर्ग : फ्रांस के कोच दिदिएर डेसचैंप्स एक खिलाड़ी और एक कोच के तौर पर विश्व कप जीतने वाले तीसरे शख्स बन सकते हैं। अब तक यह कमाल जर्मनी के फ्रांज बैकनउर और ब्राजील के मारियो जागालो ही कर पाए हैं। फाइनल में पहुंचने के बाद डेसचैंप्स ने कहा कि मैं अपने खिलाडिय़ों के लिए बेहद खुश हूं। यह एक अच्छी बेल्जियम की टीम के खिलाफ कड़ा मुकाबला था। मैं अपने खिलाडिय़ों और कोचिंग सटाफ को सलाम करता हूं। हमें फाइनल जीतना ही होगा क्योंकि हम अब तक दो साल पहले मिली एक बड़ी हार के सदमे से नहीं उबर पाए हैं। 

Posted By: Sanjay Savern