कोलकाता, एजेंसी। भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री भारतीय क्रिकेट टीम कप्तान विराट कोहली की राह पर चल निरकले हैं। विराट कोहली की तरह सुनील छेत्री भी अब वीगन बन गए हैं। फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने ये स्वीकार किया है कि मांस और डेयरी के खाद्य पर्दाथों को छोड़ने से उन्हें फिट रहने में मदद मिली है।

भारत के लिए सर्वाधिक 72 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले दिग्गज फुटबॉलर सुनील छेत्री ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं वीगन बन गया हूं, मैं अब दूध से बने खाद्य पदार्थों और मांस का सेवन नहीं करता हूं। इससे मुझे उबरने की प्रक्रिया में काफी मदद मिली है। साथ ही पाचन भी मजबूत हुआ है।"

विराट बन चुके हैं वीगन

गौरतलब है कि पिछले साल विराट कोहली ने 'वीगन' बनने का फैसला किया था जिसमें पेड़ों से मिलने वाले उत्पादों का ही सेवन किया जाता है। इस बारे में सुनील छेत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की जागरूकता 2013 में स्पोर्टिग लिस्बन के साथ खेलने के दौरान मिली। उन्होंने कहा कि जब वे अमेरिका में कांस में थे तो वहां डाइट में थोड़ा सा बदलाव था लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि मैं तब युवा था तो मैंने इस बात की गहराई को नहीं समझा।

35 वर्षीय सुनील छेत्री ने कहा, "मैंने तब इसका (वीगन डाइट का) पालन किया लेकिन शिद्दत से इसे अपनाया नहीं। फिर मैं स्पोर्टिग लिस्बन गया तो मैंने देखा कि यह यूरोप में आम बात है। इसके बाद ही मैं इसको लेकर थोड़ा गंभीर हुआ।" 

सुनील छेत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने दो-ढाई साल के लिए के लिए मिठाइयों को भी छोड़ दिया था जिसके लिए उनकी पत्नी सोनम ने उनका पूरा सहयोग किया जो मांसाहारी हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान मैंने सिर्फ दो मौकों पर ही मिठाई खाई, पहली बार जब बेंगलुरु एफसी ने आइएसल का खिताब जीता और दूसरी बार जब हमने कतर के साथ मैच ड्रॉ कराया था तब।"

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