भारत के रंग, TVS Radeon के संग- गंगा नदी के तट पर स्थित विश्व का प्रसिद्ध धार्मिक

TVS Radeon का Jagran HITech के साथ अंतिम पड़ाव वाराणसी
Publish Date:Fri, 26 Nov 2021 07:23 PM (IST)Author: Author: Rishabh Parmar

नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। रंगों में जितने रंग नहीं, उससे ज्यादा रंग हमारे देश हिंदुस्तान में मौजूद है और वाराणसी उसकी एक मिसाल है। गंगा नदी के तट पर स्थित वाराणसी, जिसे काशी और बनारस के नाम से जाना जाता है, विश्व में सबसे पुराने और जीवित शहरों में से एक है। इस शहर की अपनी एक धार्मिक पहचान है, जिसके लिए यह पूरे विश्व में जाना जाता है। भारत के रंग, TVS Radeon के संग सीरीज का आखिरी पड़ाव भी वाराणसी है। इस शहर का इतिहास, अकेले ही भारत के इतिहास की कई परते खोल देता है। पिछले दिनों Jagran Hitech की टीम को यहां जाने का मौका मिला, जहां उन्होंने इस शहर को जाना और इसमें उन्हें वहां के Radeon मैन अमित का साथ मिला। ये पेशे से कलाकार हैं। इनकी सोच और जीवन में वाराणसी की सादगी है, और कभी न रुकने वाली जिज्ञासा।

उस सफर का हर वक्त अच्छा लगता है, जहां कुछ नया सोचने, समझने और सीखने को मिलता है। जयपुर, आगरा, लखनऊ और पटना के बाद जब टीम काशी पहुंची, तो यहां की गलियां, व्यंजन और धार्मिक माहौल ने टीम को मंत्रमुग्ध कर दिया। बनारस की गलियां, इसका खानपान, इसकी वेशभूषा सभी कुछ भारत की अनेकता में एकता को दिखाते हैं। लेकिन इन गलियों का मजा आप तभी ले सकते हैं, जब आपकी बाइक में अच्छी पकड़ और ब्रेकिंग हो, क्योंकि यह काशी की गलियां हैं, यहां चलने के साथ बीच-बीच में रुकना भी पड़ता है। पकड़ और ब्रेकिंग के मामले में TVS Radeon बेहतर है।

बनारस गंगा नदी के किनारे स्नान घाटों के लिए प्रसिद्ध है। बनारस में कुल 88 घाट हैं, जिनमें दो को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी का इस्तेमाल पुन्य स्नान और पूजा अर्चना के लिए किया जाता है। इन घाटो की शाम और पूजा आरती दुनिया भर में मशहूर है। दशाश्वमेध घाट का जीवंत वातावरण इसे वाराणसी में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक बनाता है। इसके अलावा यहां का अस्सी घाट भी हर दिन सैकड़ों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है, जो गंगा नदी में स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करने आते हैं। बात करें मणिकर्णिका घाट की तो यह वाराणसी में पवित्र नदी के किनारे स्थित सबसे प्रसिद्ध श्मशान घाटों में से एक है।

वाराणसी की शान रामनगर का किला आपकी सारी थकान को मिटा देगा, बिलकुल धाकड़ बाइक TVS Radeon की तरह। 18वीं शताब्दी में बनाया गया यह किला तुलसी घाट के सामने गंगा के पूर्वी तट पर स्थित है। इसकी बनावट आपको काफी पसंद आएगी। इसे 1750 में काशी नरेश बलवंत सिंह ने बनवाया था। इसे बलुआ पत्थर से बनाया गया है, जिसे चुनार से लाया गया था। अगर आपको बनारस के इतिहास के बारे में जानना है तो यहां के संग्रहालय यानी म्यूजियम में आपको जरूर जाना चाहिए।

वैसे बनारस की पुरानी तंग गलियों को जानने में TVS Radeon ने काफी मदद की। इसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। इसकी लाजवाब हैडलिंग और सड़क पर मजबूत पकड़ तंग गलियों में संभलने का मौका देती है। इस सफर में हर तरफ नया रंग दिखा और एक नई कहानी दिखी और साथ में दिखा बनारस का स्वाद। यहां का शिव प्रसाद लस्सी भंडार बनारस में काफी लोकप्रिय है। रबड़ी से बनने वाली यह लस्सी आपके स्वाद को यादगार बना देगी। यह तो हम सभी जानते हैं कि पान के बिना बनारस की पहचान पूरी नहीं होती। बनारसी पान प्यार, खुशी और मेहमान नवाजी का प्रतीक है। अनादि काल से बनारस के लोग अभिवादन के रूप में पान परोसते रहे हैं। केशव ताम्बूल भंडार, पान के लिए बनारस में बहुत ही फेमस दुकान है। बनारस जा रहे हैं तो यहां एक पान जरूर खाइए।

नोट: यह आर्टिकल ब्रांड डेस्‍क द्वारा लिखा गया है।

लेखक शक्ति सिंह  

Copyright © 2021 Jagran Prakashan Limited.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept