- घूल

- कलाकार : राधिका आप्टे, मानव कौल, एसएम ज़हीर और रत्नाबली भट्टाचार्जी

- निर्देशक : पेट्रिक ग्रहाम

- रेटिंग - 3/5 स्टार 

राहुल सोनी, मुंबई। हॉरर और थ्रिल जॉनर बेस्ड वेब सीरिज का डिजीटल प्लेटफॉर्म पर प्रवेश हो चुका है। नेटफ्लिक्स द्वारा बहुचर्चित वेब सीरिज 'घूल' को रिलीज कर दिया गया है। पहले सीजन के अभी तीन एपिसोड दर्शकों के सामने आ चुके हैं। तीनों एपिसोड की कड़ी एक दूसरे से जुड़ी है और तीसरे एपिसोड के बाद यह सस्पेंस बरकरार है कि दरअसल घूल आगे क्या करेगा। घूल एक अरेबिक टाइटल का मतलब है जिन्न या पिशाच।  एक बेटी अपने देश के प्रति कर्तव्य निभाते हुए देशद्रोही पिता के बारे में पुलिस को जानकारी देती है। वही, पिता अपने नापाक मनसूबों में कामयाब होने के लिए एक जिन्न की मदद लेता है जिसका नाम घूल है। इसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती नजर आती है। पिता को लगता है कि सरकार मुस्लिमों के खिलाफ काम कर रही है इस कारण वह लोगों को इस्लाम का पाठ पढ़ाना चाहता है और लोगों को सचेत करना चाहता है। लेकिन इसी पिता की बेटी के विचार अलग हैं और वो पिता को कई बार यह सब करने से रोकती भी है।

एक तरफ देश, दूसरी तरफ परिवार

पहले एपिसोड का नाम 'आउट अॉफ द स्मोकलेस फायर ' है। इसमें सभी किरदारों को बखूबी रूबरू करवाया गया है। निदा रहीम का किरदार राधिका आप्टे ने निभाया है जो कि आर्मी अॉफिसर की भूमिका है। निदा वेब सीरिज का सेंट्रल कैरेक्टर है। निदा के पिता शाहनवाज रहीम एंटी गवर्नमेंट एक्टिविटी में लिप्त हैं। यह बात सिर्फ बेटी जानती है और उन्हें समझाने का लगातार प्रयास करती है। लेकिन पिता को लगता है कि उसकी कौंब को गलत चीजें सिखाई गई हैं, सरकार उनके साथ गलत कर रही है और यह बात लोगों को समझ नहीं आई है। बेटी के बहुत समझाने के बावजूद पिता नहीं मानता और देश के खिलाफ कार्य करने की कोशिश करता है। आर्मी अॉफिसर होने के नाते निदा सोचती है कि अगर वो पिता के बारे में खुद पुलिस को इन्फॉर्मेशन देगी तो वे जल्दी समझ जाएंगे और उन पर किसी भी प्रकार की ज्यादा परेशानी नहीं आएगी। यह करना इतना आसान नहीं होता क्योंकि अपने पिता को पुलिस के हवाले करना बहुत बड़ा निर्णय है। लेकिन वह अपने परिवार की चिंता किए बगैर देश को ऊपर रखती है और अपना कर्तव्य निभाती है। वह पिता के बारे में पुलिस को जानकारी दे देती है यह सोचकर कि उन्हें सिर्फ पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा, या उन्हें सुधरने का मौका दिया जाएगा। इसके कुछ दिन बाद निदा को मेघदूत 31 डिटेंशन सेंटर में बतौर नए इंटेरोगेटर के रूप में नियुक्त किया जाता है, जहां पर उसके पिता को भी लाया गया था। खूंखार आतंकवादी अली सईद को पकड़ लिया जाता है और उसे मेघदूत 31 लाया जाता है।

घूल का प्रवेश

घूल का प्रवेश दूसरे एपिसोड 'द नाइटमेयर्स विल बिगिन' में होता है। निदा मेघदूत 31 में ज्वाइनिंग ले चुकी है जहां पर आतंकवादी अली सईद को रखा जाता है। अली सईद से पूछताछ की जाती है। मानव कौल एक क्रिश्चयन आर्मी अॉफिसर के रोल में है जो मेघदूत 31 को हेड करता है। पूछताछ की शुरुआत राधिका करती है और इस वक्त अली उसे उसी नाम से पुकारता है जिससे उसके पिता पुकारा करते थे। इसके बाद राधिका थोड़ी सहम जाती है। यहां से शुरुआत होती है निदा को सपने आने की। राधिका को सपने आने लगते हैं। इसके बाद जब मानव कौल पूछताछ करता है तो अली सईद उसके परिवार के बारे में भी वो सबकुछ बता देता है जो सिर्फ मानव को पता होता है। यहां से शक की शुरुआत होती है। आखिरकार अली के अंदर घूल बनकर बाहर आता है और कुछ अॉफिसर्स को वो मार गिराता है। इससे दहशत बढ़ जाती है। जब तक घूल का चक्कर किसी को समझ आता कई अॉफिसर्स की जान चली जाती है। और राधिका तह तक जाने के लिए हर प्रयास करती है। तीसरे एपिसोड के आखिर में निदा को पता चलता है कि उसके पिता की मृत्यु की गई थी और उन्होंने ही घूल को बुलाया था जो कि मानव को पता था लेकिन उसने सबसे छिपा कर रखा था।

पॉवरफुल परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस की बात करें तो राधिका आप्टे ने निदा का किरदार निभाते हुए पूरा न्याय किया है। वेब सीरिज में राधिका के कंधों पर ज्यादा भार है क्योंकि उनका कैरेक्टर मुख्य है। इसको जस्टिफाई करने में राधिका कामयाब नजर आती हैं। इससे पहले राधिका आप्टे वेब सीरिज का हिस्सा रही हैं। उन्हें सेक्रेड गेम्स में देखा गया था। बात करें मानव कौल की तो वे आर्मी अॉफिसर के रूप में पूरी तरह से जच रहे हैं। सीरियस कैरेक्टर को निभाते हुए उन्होंने बेहतर अभिनय किया है। सीनियर एक्टर एसएम ज़हीर ने निदा के पिता का किरदार निभाया है जो कि सिर्फ पहले एपिसोड में ही ज्यादातर नजर आते हैं। हमेश की तरह उनकी एक्टिंग लाजवाब रही है। यह कहा जा सकता है कि सभी एक्टर्स की एक्टिंग अपने-अपने कैरेक्टर्स के हिसाब से बेहतरीन रही है। 

हॉरर और थ्रिल का परफेक्ट कॉम्बीनेशन

डायरेक्टर पेट्रिक ग्रहाम ने इंडियन अॉडियंस के सामने इस हॉरर और थ्रिलर वाली कहानी को पेश किया है। सस्पेंस क्रिएट करने में और अॉडियंस को ज्यादा देर तक बांधकर रखने में वे लगता है कामयाब रहे हैं। क्योंकि वेब सीरिज का हर एपिसोड लगभग 45 मिनट का है। कहीं भी जंप नजर नहीं आता और कंटीन्यूटी बरकरार रहती है। हॉरर और थ्रिल का परफेक्ट कॉम्बीनेशन दिखाई देता है। एक और खास बात इसकी शूटिंग लोकेशन को लेकर भी है कि जबरदस्त सेट अप नजर आता है। 

Posted By: Rahul soni