- पराग छापेकर

कलाकार- हर्षवर्धन कपूर, प्रियांशु पैन्यूली, निशिकांत कामत, आशीष वर्मा, राधिका आप्टे और अर्जुन कपूर 

निर्देशक- विक्रमादित मोटवाने

निर्माता- अनुराग कश्यप, विकास बहल, इरोज़ और रिलायंस

जागरण डॉट कॉम रेटिंग- पांच में से एक स्टार (*)  

एक अच्छी फिल्म बनाने के लिए अच्छी नियत होना सबसे जरूरी है। अगर आपकी नियत ईमानदार है फिल्म के हर फ्रेम में झलकती है। मगर दूसरी बात भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि सिर्फ अच्छी नियत से अच्छी फिल्म नहीं बनती, उसके लिए लगती है एक बेहतरीन कहानी उससे बेहतरीन पटकथा और साथ में एक इमानदार सोच।भावेश जोशी के साथ सिर्फ एक इमानदार सोच के अलावा बाकी सारी चीजों का अभाव नजर आता है। सोच मैं भी कितनी ईमानदारी है यह थोड़ा मुश्किल ही है। क्योंकि फिल्म निर्माता व निर्देशक के दिमाग में शायद पहले ही फ्रेम से यह साफ था कि वह इस फिल्म एक फ्रेंचाइजी की तरह बनाना चाहते हैं इसलिए पूरी फिल्म भावेश जोशी को एक सुपर हीरो की तरह स्थापित करने में ही बीत गई। इसके अलावा फिल्म में कुछ और खास ना हो पाया। 

कहानी रोचक पर स्क्रीनप्ले खराब

फिल्म की कहानी काफी रोचक थी मगर उसका स्क्रीनप्ले और एक्जीक्यूशन फिल्म को ले डूबा। हैरानी की बात यह है कि इस फिल्म का स्क्रीनप्ले अनुराग कश्यप और निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी जैसे बड़े निर्देशकों ने लिखा है।

परफॉर्मेंस लेवल पर अच्छी

अभिनय की बात करें तो भावेश जोशी बने प्रियांशु पैन्यूली म बहुत ही जबरदस्त परफॉर्मेंस दिया है। आने वाले समय में बॉलीवुड उनसे और भी उम्मीदें लगा सकता है। हर्षवर्धन एक्शन मैं तो जंचे है मगर इमोशनल सींस के लिए अभी उन्हें और मेहनत की आवश्यकता है।

निर्देशक का भी किरदार

निर्देशक अभिनेता निशिकांत कामत छोटे से किरदार में आए और छा गए। कुल मिलाकर भावेश जोशी एक साधारण फिल्म है, जिसे अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी, विकास बहल, इरोस और रिलायंस जैसे बड़े-बड़े दिग्गजों ने बनाया है। मगर ऊंची दुकान फीके पकवान।

By Rahul soni