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Chaar Yaar Review: चोर-पुलिस की कहानी में अंडरवर्ल्ड-एक्शन का तड़का, फिर कहां चूकी 'चार यार'?

Published: Fri, 23 Oct 2026 02:34 PM (IST)

Prime Video पर पूरव झा की वेब सीरीज 'चार यार',  23 अक्टूबर को रिलीज हो चुकी है। आइए इस रिव्यू में जानते हैं कैसी है सीरीज?

प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई 'चार यार' वेब सीरीज

प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई 'चार यार' वेब सीरीज

HighLights

  1. प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई 'चार यार' वेब सीरीज

  2. 23 अक्टूबर को सीरीज ने दी दस्तक

  3. प्राइम वीडियो क्राइम सीरीज 'चार यार' का रिव्यू

एकता गुप्ता, नई दिल्ली। प्राइम वीडियो पर यूट्यूबर पूरव झा की वेब सीरीज चार यार (Chaar Yaar) रिलीज हो चुकी है। जिसमें नमन जैन, साकिब अयूब, प्रेरक मेहता ने अहम भूमिका निभाई है वहीं सिकंदर खेर, साईं ताम्हणकर, राजेश तैलंग, चंकी पांडे जैसे कलाकारों की टोली ने सपोर्टिंग किरदार निभाए हैं। आइए जानते हैं इस रिव्यू में कैसी है सीरीज?

Puravvv

चार यार की कहानी?

चार या(Chaar Yaar) की कहानी चार दोस्तों साहिल (Purav Jha)), समीर (नमन जैन), टोनी (साकिब अयुब), जय (प्रेरक मेहता) के ईर्द-गिर्द घूमती है जो 2000 की शुरुआत में मुंबई शहर में रहते हैं और जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में एक महंगी विंटेज कार चोरी कर लेते हैं। लेकिन एक बार की ये चोरी उनका लालच बन जाती है और फिर कार चुराने का ये सिलसिला शुरू हो जाता है।

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लेकिन चोरी का ये सिलसिला सिर्फ चोर-पुलिस तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि इसमें गैंगस्टर्स की एंट्री भी होती है और फिर चार चोर, पुलिस और गैंगस्टर्स के बीच ये कहानी घूमती है। जिसमें एक्शन, क्राइम, चोरी, दोस्ती, पुलिस की तहकीकात, और गैंगस्टर्स का खौफ दिखता है। क्या ये चार दोस्त पुलिस पैसे के साथ ताकत हासिल करने के लिए गैंगस्टर्स की गैंग में शामिल हो जाते हैं? क्या कार चोरी का सिलसिला एक दर्दनाक अंत के साथ खत्म होता है? या फिर कहानी कहीं और भी चली जाती है? इन सवालों के जवाब सीरीज में ही मिलेंगे।

Chaar Yaar (4)

सीरीज में क्या है खूबी?

सीरीज की सबसे बड़ी खूबी इसके एक्टर्स हैं। स्क्रीन पर राजेश तैलंग (Rajesh Tailang), सिकंदर खेर (Sikandar Kher) का स्वैग एक अलग ही वाइब देता है, वहीं चंकी पांडे का अलग अंदाज भी आपको पसंद आएगा। इसके अलावा चारों लीड कलाकारों ने दोस्तों के रूप में एक अच्छी बॉन्डिंग शेयर की है।

डायरेक्टर विनय वैकुल (Vinay Waikul) ने 2000 के दशक के मुंबई को अच्छी तरह दिखाया है वहीं चार मीडिल क्लास लड़कों का पैसे कमाने का अलग जुगाड़ भी दिलचस्प है। इसके अलावा उनका अंडरवर्ल्ड से जुड़ाव भी कहानी में रोमांचक लगता है। साईं ताम्हणकर का किरदार थोड़ा और बेहतर बनाया जा सकता था हालांकि उनकी एक्टिंग में कोई कमी नहीं है। वहीं राजेश तैलंग का बैखोफ अंदाज भी आपको पसंद आएगा।

Chaar Yaar (5)

सीरीज में दोस्ती, चोरी, पुलिस, अंडरवर्ल्ड का एक अनोखा संगम है जो बीच-बीच में रोमांच पैदा करता है। खासकर जब सिकंदर खैर, चंकी पांडे स्क्रीन पर आते हैं तो और भी ज्यादा मजा आता है।

कहां मात खा गई सीरीज?

चोर पुलिस की कहानी में अंडरवर्ल्ड का तड़का होने के बावजूद शुरुआती एपिसोड सीरीज से बांधे रखने में कामयाब नहीं होते। इसका कारण बहुत सारी घटनाओं को एक-साथ दिखाना है। एक तरफ चारों की दोस्ती और पैसों को लेकर किया गया कार चुराने का जुगाड़, वहीं दूसरी और पुलिस का अंडरवर्ल्ड के गुर्गों के पीछे पड़ना और फिर इन तीनों के आपस में मिलने तक कहानी धीमी और बोरिंग लगती है।

Chaar Yaar (1)

दूसरी कमी इस सीरीज के चारों लीड किरदारों के लिए भावनात्मक जुड़ाव ना होना है। कहानी को सीधा शुरू करने के बजाय उनकी दोस्ती की शुरुआत कैसे हुई या वे दोस्त कैसे बने दिखाया जाता तो बेहतर होता।

इसके अलावा सीरीज की शुरुआत काफी जल्दबाजी में होती है और फिर चार एपिसोड तक कहानी की रफ्तार काफी धीमी लगती है। वहीं एपिसोड भी एवरेज 40 मिनट के हैं जिन्हें बिना किसी रोमांच के देखना मुश्किल है।

इसके अलावा डायलॉग्स और कहीं-कहीं पर कहानी प्रीडिक्टेबल लगती है। संवाद बेहतर हो सकते थे खासकर अगर आप अंडरवर्ल्ड वाला एंगल दिखा रहे हो। म्यूजिक और एडिंटिंग ठीक-ठाक है।

देखें या नहीं?

क्राइम-ड्रामा पसंद करते हैं और कुछ एपिसोड तक स्लो पेस झेल सकते हैं तो 'चार यार' एक बार देखी जा सकती है। लेकिन बिना किसी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी कंटेंट की उम्मीद किए।

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