[स्मिता श्रीवास्तव]। अहसास एक पल में जवां हो जाते हैं, लेकिन किसी भी वक्त बदल सकते हैं। आधुनिक जमाने में रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा पेचीदा हो गए हैं। इन्हीं मसलों को कलर्स के शो सिलसिला बदलते रिश्तों का में दिखाया जा रहा है। शो में नए जमाने के दो जोड़ों के रिश्तों की कहानी है। दृष्टि धामी शो में नंदिनी राजदीप ठाकुर का किरदार निभा रही है।

शो खत्म करने के बाद आप ब्रेक जरूर लेती हैं। यह कितना जरूरी है?
यह बहुत जरूरी होता है। इससे आप तरोताजा होकर नई ऊर्जा और उमंग के साथ काम पर लौटते हैं। किरदार निभाने को आपको अपना शत प्रतिशत देना होता है। इस दौरान कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

आप इंडस्ट्री में दस साल पूरे करने जा रही हैं। इस दौरान कौन से नियम हमेशा फॉलो किए?
बतौर प्रोफेशनल कुछ नियमों को हमेशा फॉलो किया, जैसे समय की पाबंदी अर्थात वक्त पर सेट पर पहुंचना। मैं अपने काम को बहुत गंभीरता से लेती हूं। स्क्रिप्ट को ध्यान से पढ़ती हूं। अगर अपने डायलाग याद न रहें तो टेंशन होने लगती है। हालांकि काम करने के दौरान सोशल टच कम हो जाता है। मुझे सेट पर कार्यरत सभी लोगों से परिचित होना पसंद है।

एक दशक के कॅरियर में इंडस्ट्री में सबसे बड़ा बदलाव क्या पाती हैं?
सबसे बड़ा बदलाव तकनीक का है। यह बहुत उन्नत हो गई है। सेट पर काम करने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। इससे काम आसान हुआ है। अब लगभग सब जगह दो कैमरे के सेटअप होते हैं। वह आपके काम को आसान बना देते हैं। इससे समय की भी बचत होती है। अगर एक कैमरा सेट पर होता है तो काम बहुत धीरे होता है। स्टाइलिंग पर भी बहुत काम होने लगा है।

शो में अपने ड्रेसिंग सेंस पर कितना योगदान देती हैं?
शिवानी मेरी ड्रेस डिजाइनर हैं। वह मेरी अच्छी दोस्त भी हैं। हम परिधानों को लेकर चर्चा करते हैं। सीन में किस प्रकार के परिधान अच्छे लगेंगे, उस पर भी मंथन करती हूं।

शो में किस प्रकार के बदलते रिश्ते देखने को मिलेंगे?
बहुत से, जैसे दो सहेलियों के रिश्ते वक्त के साथ कैसे बदलते हैं।

ये बदलाव किस किस्म के होते हैं?
वैसे यह शो मुख्य रूप से दो जोड़ों की कहानी है। उनकी जिंदगी के उतार- चढ़ाव देखने को मिलेंगे। नंदिनी रिश्तों को बनाए रखने में यकीन रखती है। इसके लिए वह सब कुछ करने को प्रयासरत रहती है। उसे बिगड़े संबंधों के सुधर जाने का भी यकीन रहता है।

आप समाजशास्त्र की छात्रा रही हैं। रिश्तों में आए बदलावों पर आपकी राय क्या है?
अब नई तकनीक और सोशल मीडिया का जमाना है। लोगों को रिलेशनशिप के मामले में फैसला लेने में वक्त नहीं लगता। वे त्वरित निर्णय लेते हैं। उनके लिए रिश्तों को तोड़ देना आसान काम है। पहले के जमाने में ऐसा नहीं था। रिश्तों में आई दूरियों को मिटाने का प्रयास होता था और उन्हें बनाए रखने के प्रयास होते थे। रिश्तों में बदलाव की एक वजह यह भी है कि अब एक्स्पोजर बहुत बढ़ गया है। हालांकि इसके अच्छे और खराब दोनों पहलू हैं।

 

असल जिंदगी में आपके दोस्त कौनकौन हैं?
मेरे कई अच्छे दोस्त हैं, जिन्हें मैं बेस्ट फ्रेंड कह सकती हूं। फेहरिस्त काफी लंबी है। अगर नाम लूं तो भावी, योमा, फहद, सनाया इरानी, नकुल मेहता आदि। मेरे पति नीरज भी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। भावी और मैं बचपन से दोस्त हैं। हम एक-दूसरे से किसी भी विषय पर बात कर लेते हैं और हर सुखदुख में साथ होते हैं। योमा और फहद मधुबाला के समय दोस्त बने। वे परिवार की तरह हैं। सनाया के साथ करीब 18 साल पुरानी दोस्ती है। नकुल के साथ भी सनाया जितनी पुरानी दोस्ती है। मैंने अपना पहला विज्ञापन नकुल के साथ ही किया था।

शादी के बाद अपनी किन आदतों को बदलना चाहा?
मुझे नहीं लगता कि कोई भी आदत बदलनी पड़ी है। मुझे बस पैकअप का इंतजार रहता है। कारण, परिवार के साथ वक्त बिताना अच्छा लगता है।

इस शो को लेकर आपके पति की क्या प्रतिक्रिया रही? क्या यह शो विवाहेतर संबंधों पर भी है?
यह विवाहेतर संबंधों पर नहीं है। नीरज मेरे काम को लेकर सपोर्टिव रहते हैं। उन्हें भी शो का कांसेप्ट पसंद आया। उन्होंने कहा कि तुम रोचक किरदार प्ले करने वाली हो। उन्हें मेरे हर काम पर गर्व होता है।

आपने डांस रियलिटी शो भी जीता था। इसके बाद डांस आधारित शो या फिल्म करने की इच्छा हुई?
उस समय मेरा शो मधुबाला चल रहा था। लिहाजा डांस आधारित शो करने का सवाल ही नहीं था। मैं एक्टर हूं, डासंर नहीं। रियलिटी शो के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी थी। फिलहाल मैं अपने कॅरियर से खुश हूं, लेकिन भविष्य में डांस शो करने के लिए भी तैयार है। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal