विशाल म्हाडकर निर्देशित ब्लड मनी से कोई खास उम्मीद नहीं थी। स्टार वैल्यू न होने की वजह से फिल्म के प्रति आकर्षण नहीं था। गानों और भट्ट कैंप के पब्लिसिटी स्टंट ने सिंगल स्क्रीन के दर्शकों की जिज्ञासा अवश्य बढ़ा दी। ट्रेड पंडितों के मुताबिक कुणाल खेमू की सोलो फिल्म के लिए औसत कारोबार भी संतोषजनक कहा जाएगा।

सीमित बजट में बनी ब्लड मनी को मल्टीप्लेक्स केदर्शकों ने साफ नकार दिया, लेकिन सिंगल स्क्रीन के दर्शकों ने सहारा दिया। श्रीराम राघवन की फिल्म एजेंट विनोद दूसरे हफ्ते में टिकी नहीं रह सकी। इस फिल्म के कलेक्शन में भारी गिरावट आई है। हां, विद्या बालन की कहानी सुपरहिट घोषित हो गई है। यह अभी तक सिनेमाघरों में टिकी हुई है।

-अजय ब्रह्मात्मज

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