आइए जानते हैं सेंसर बोर्ड पैनल में शामिल किए गए 18 सदस्यों के नाम और क्या करते हैं वो काम?
सेंसर बोर्ड का बीते दिन पुनर्गठन किया गया, जिसमें कुल 18 सदस्यों को पैनल में शामिल किया। क्या है सेंसर ...और पढ़ें

सेंसर बोर्ड के पैनल में शामिल एक्टर्स का प्रोफेशन/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
सेंसर बोर्ड पैनल में शामिल हुए 18 सदस्य
कोई राइटर तो कोई लेखन की दुनिया का किंग
सेंसर बोर्ड के 18 सदस्यों का ये है प्रोफेशन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की तरफ से बीते दिन एक बड़ा अपडेट सामने आया। सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन किया, जिसमें इंडियन सिनेमा, टीवी, म्यूजिक, थिएटर और लिटरेचर की 18 जानी-मानी हस्तियों को तीन साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया।
इनमें से कुछ सितारों और दिग्गज हस्तियों से फैंस भली भांति वाकिफ हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं, जिन्होंने हमेशा पर्दे के पीछे काम किया है। चलिए आपको उन 18 हस्तियों के प्रोफेशन के बारे में बताते हैं, जो सेंसर बोर्ड का हिस्सा बने हैं।
विनोद अनुपम
विनोद अनुपम एक नेशनल अवॉर्ड विनिंग क्रिटिक हैं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के उस दौर को भी देखा है जो स्टार्स और बॉक्स ऑफिस की चर्चा से परे है। उनके लेखन में हमेशा फिल्मों-कल्चर और समाज का बारीकी से परीक्षण होता है। वह पैनल में एक समीक्षक की नजर लेकर आते हैं।

मनोज जोशी
मनोज जोशी हिंदी सिनेमा के एक मंझे हुए कलाकार हैं। उन्होंने परदे पर कॉमेडी से लेकर सीरियस रोल तक किए हैं। वह हिंदी के साथ-साथ मराठी और गुजराती सिनेमा में भी खूब काम कर चुके हैं।
अभिषेक जैन
अभिषेक जैन एक लेखक हैं, जो मुख्य रूप से गुजराती सिनेमा में काम करते हैं। उन्होंने रीजनल फिल्म 'केवी रीते जईश' और 'बे यार जैसी फिल्मों के साथ गुजराती सिनेमा को अलग स्तर पर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है। हम दो हमारे दो के साथ उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था।

प्रियदर्शन
प्रियदर्शन किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने भागम भाग से लेकर भूत बंगला और हेरा फेरी जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन किया है। वह हिंदी के साथ-साथ साउथ में भी काफी एक्टिवली काम करते हैं ऐसे में सेंसर बोर्ड पैनल में कंटेंट को लेकर उनका विशेष योगदान होगा।
रिकी केज
रिकी केज सेंसर बोर्ड पैनल में संगीत की दुनिया को लेकर आए हैं। तीन बार ग्रैमी अवॉर्ड विनर रहे रिकी केज ने विंड्स ऑफ संसार और डिवाइन टाइट्स जैसे मशहूर एल्बम को इंटरनेशनल दर्शकों तक पहुंचाया है।

सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी 90 के दशक के बड़े सितारों में से एक हैं, जो एक्शन के साथ-साथ कॉमेडी फिल्मों को भी बखूबी समझते हैं। उन्होंने मोहरा से लेकर धड़कन और हेरा-फेरी जैसी कई सफल फिल्में दी हैं। ऐसे में सेंसर बोर्ड के पैनल को मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा से एक और अनुभवी आवाज मिली है।
हंसराज हंस
क्योंकि अब रीजनल फिल्में भी पैन इंडिया बन चुकी हैं, ऐसे में गुजराती के अलावा पंजाबी सिनेमा में लंबे अरसे अपने लोक गीत और सूफी संगीत के महारथी हंसराज हंस को भी पैनल में शामिल किया गया है। उनके म्यूजिक में भक्ति गीत से लेकर पंजाबी और फिल्मी गाने भी शामिल हैं।

सुप्रिया यारलागड्डा
सुप्रिया यारलागड्डा साउथ सिनेमा की एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरूआत फिल्म अक्कड़ा अम्मयी इक्कदा अब्बायी से की, जिसमें उनके साथ पवन कल्याण मुख्य भूमिका में थे।
यतिंद्र मिश्रा
यतिंद्र मिश्रा पेशे से एक कवि, लेखक और म्यूजिक स्कॉलर हैं, जिनकी भारतीय संगीत में गहरी रुचि है। उनकी किताबों में लता मंगेशकर और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसी हस्तियों के बारे में लिखा गया है।

रुपाली गांगुली
रुपाली गांगुली छोटे पर्दे का एक बड़ा नाम हैं, जिन्होंने करियर की शुरुआत भले ही फिल्मों से की थी, लेकिन आज वह घर-घर में अनुपमा बनकर छा चुकी हैं।
प्रीति जिंटा
सुनील शेट्टी की तरह ही प्रीति जिंटा भी 90 के दशक का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने दिल से, क्या कहना, कल हो ना हो और वीर जारा में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से सबका मन मोह लिया। वह एक्टिंग के अलावा स्पोर्ट्स में भी काफी एक्टिव हैं।
नीला माधव पांडा
नेशनल अवॉर्ड विनर नीला माधव पांडा एक जाने-माने फिल्ममेकर हैं, जिनकी फिल्मों में अधिकतर समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर बात की जाती है। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में जलपरी: द डेजर्ट मरमेड और कड़वी हवा शामिल हैं।

पंकज त्रिपाठी
आज के समय में पंकज त्रिपाठी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने गैंग्स ऑफ वासेपुर से लेकर मिर्जापुर, मिमी जैसी फिल्मों में अभिनय की छाप छोड़ी है। वह कहानी से लेकर कलाकार की परफॉर्मेंस तक को बखूबी समझते हैं।
प्रोसेनजीत चटर्जी
प्रोसेनजीत चटर्जी बंगाली सिनेमा के बड़े सितारों में से एक हैं। उनकी लोकप्रिय फिल्मों चोकर बाली, ऑटोग्राफ और प्राक्तन शामिल हैं।
पल्लवी जोशी
विवेक अग्निहोत्री की पत्नी पल्लवी जोशी को भी सेंसर बोर्ड के पैनल टीम में शामिल किया गया है। उन्हें फिल्मों और टीवी में अभिनय करते हुए एक दशक से ज्यादा का समय बीत गया है। एक्ट्रेस ने द कश्मीर फाइल्स, द ताशकंद फाइल्स जैसी बड़े मुद्दे उठाने वाली फिल्मों में काम किया है।

निशिगंधा वद
निशिगंधा वद लोकप्रिय मराठी एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने सरजा निवादुंग, तुझी माझी जमली जोड़ी में काम किया है। मराठी के अलावा टीवी की दुनिया में भी उनका विशेष योगदान रहा है।
वमन क्रेंद्रे
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से जुड़ी हुईं वमन क्रेंद्रे एक लंबे समय से लोगों को थिएटर्स की ट्रेनिंग देती हैं। साथ ही थिएटर में एक्टिंग सीखने आए लोगों की परफॉर्मेंस में मदद करती हैं।

रमेश पतंगे
लेखर, एडिटर और सोशल कमेंटेटर रमेश पतंगे मुख्य रूप से समाज, संस्कृति और समाज सुधार के लिए काम करते हैं। उन्होंने अपनी किताबों में डॉ. बी.आर. अंबेडकर, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव जैसी चीजों के बारे में लिखा है।
