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जब अपना ही गाना सुनकर रो पड़ी थीं Asha Bhosle, स्टूडियो में पसरा सन्नाटा; दिलचस्प है Rekha के उस गीत की कहानी

Published: Mon, 13 Apr 2026 09:38 AM (GMT+05:30)

एक बार स्टूडियो में आशा भोसले (Asha Bhosle) गाना रिकॉर्ड करने के बाद रोने लगी थीं। यह किस्सा रेखा की कल्ट फिल्म से जुड़ा है।

आशा भोसले अपनी आवाज सुनकर हो गई थीं इमोशनल। फोटो क्रेडिट- एक्स

आशा भोसले अपनी आवाज सुनकर हो गई थीं इमोशनल। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक ऐसी गायिका जिन्हेंने कभी अपनी आवाज से आंखों को नम कर दिया तो कभी नाचने पर मजबूर कर दिया। संगीत जगत में अलग-अलग अंदाज में गानों को अमर बनाने वालीं आशा भोसले (Asha Bhosle) 'सुरों की मल्लिका' कही जाती थीं। 

आशा भोसले उन गायिकाओं में शुमार थीं जिनमें हर तरह के गीत गाने का हुनर था। 12 हजार गानों को आवाज देकर गिनीज बुक में नाम दर्ज करने वालीं आशा भोसले खुद भी नहीं जानती थीं कि वह कितनी टैलेंटेड हैं। एक बार उन्हें एक गाना अलग तरह से गाना था, पहले उन्हें लगा कि वह नहीं कर पाएंगी लेकिन जब उन्होंने अपना ही गाना सुना तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि यह इतना अच्छा होगा।

रेखा की फिल्म में गाया हिट गाना

यह किस्सा पांच दशक पुराना है। रेखा (Actress Rekha) की कल्ट मूवी में आशा भोसले ने कई गाने गाए, लेकिन एक गाना उनके लिए बहुत मुश्किल था, क्योंकि उस गाने में उन्हें आशा की तरह नहीं बल्कि फिल्म के कैरेक्टर की तरह गाना था जो उन्होंने पहले ऐसा कभी नहीं किया था। 

Rekha

यह किस्सा है मुजफ्फर अली निर्देशित कल्ट फिल्म उमराव जान (Umrao Jaan) का। फिल्म का म्यूजिक जाने-माने संगीतकार खय्याम (Khayyam) ने संभाला था। जब उनके पास इस फिल्म का गाना 'इन आखों की मस्ती में' (रेखा पर फिल्माया गया) आया तो खय्याम की पत्नी जगजीत कौर ने कहा कि यह गाना तो सिर्फ और सिर्फ आशा भोसले ही गाएंगी।

गाने के लिए झट से मान गई थीं आशा भोसले

उस वक्त आशा भोसले काफी बिजी हुआ करती थीं। वह एक दिन में तीन-तीन गाने गाया करती थीं। मगर जब खय्याम उनके पास गाना लेकर गए तो पहले ही बोल दिया था कि 'इन आखों की मस्ती में' के लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि यह थोड़ा मुश्किल है। आशा जी भी झट से मान गईं, बस रिहर्सल के लिए उन्हें कुछ दिन मांगे। 

संगीतकार को नहीं चाहिए थी आशा भोसले की आवाज 

मगर खय्याम ने आशा भोसले से साफ-साफ कह दिया था कि उन्हें आशा जी नहीं, बल्कि उमराव जान (रेखा का कैरेक्टर) चाहिए। वह हैरान रह गईं, पूछा कैसे? तब खय्याम ने गाकर बताया कि उन्हें किस तरह की आवाज चाहिए। फिर आशा जी ने मुस्कुराकर बोला कि फिर इस गाने को पोस्टपोन कीजिए और 8 दिन और रिहर्सल के लिए चाहिए।

गीत नहीं गा पा रही थीं आशा भोसले

फिर रिकॉर्डिंग का समय आया। उस वक्त खय्याम ने अपनी आवाज में गाना रिकॉर्ड किया था जो काफी लो डेसिबल में था। आशा जी हमेशा बुलंद आवाज में गाना गाती थीं। जब रिकॉर्डिंग के समय आशा भोसले ने गाना सुना तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने खय्याम की पत्नी जगजीत को बुलाया और बताया कि इस सुर के साथ वह गा नहीं पा रही हैं।

Asha Bhosle Death

फिर आशा भोसले ने खय्याम साहब को बताया कि उन्होंने गाने में अलग ही सुर लगा दिए। यह सुर उनके नहीं हैं। तब उन्होंने बताया कि उन्हें उमराव जान चाहिए। तब आशा जी ने कहा, "जब मैं ही नहीं गा पा रही तो उमराव जान क्या गा पाएगी?" तब खय्याम ने हल निकाला कि वह उमराव जान के सुर से भी गाना गाए और अपने सुर से भी और जो अच्छा लगेगा, वह गाने में शामिल कर लेंगे।

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आशा भोसले ने दिलाई थी संगीतकार को बेटे की कसम

आशा भोसले ने तुरंत कह दिया कि फिर वह अपने बेटे की कसम खाएं कि ऐसा ही होगा। फिर खय्याम ने भी कसम दिलाई कि जैसा उन्हें बताया कि वह 100 प्रतिशत वैसा ही गाना गाएंगी। खय्याम साहब ने आगे बताया था, "जब उन्होंने इसी पहले सुर की आवाज में गाना गाया और फिर अलाप आया। गाना करीब साढ़े पांच मिनट का था। जैसे ही गाना खत्म हुआ और आशा जी ने उसे सुना, उन्होंने आंखें बंद कर ली। एक-दो मिनट तक सन्नाटा पसर गया था।"

Asha Bhosle news

खय्याम साहब ने बताया था कि वह अपना गाना सुनकर भावुक हो गई थीं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि यह गाना उन्होंने गाया है। उन्होंने कहा था, "मैंने अपनी आवाज ऐसी कभी नहीं सुनी और ना मैंने कभी ऐसा गाया।" खय्याम साहब ने यह किस्सा लेहरें के साथ बातचीत में शेयर किया था।

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