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33 साल पहले संसद में इस Item Song पर छिड़ी थी बहस, देशभर में हुआ बवाल; 7 दिन में बिकी थी 1 करोड़ से ज्यादा कैसेट

Published: Tue, 14 Apr 2026 05:08 PM (IST)

सिंगर अल्का याग्निक ने 33 साल पहले एक ऐसा गाना गाया था, जिसने पूरे देशभर में बवाल मचा दिया था। ...और पढ़ें

33 साल पहले संगठनों ने किया था इस गाने का विरोध/ फोटो- Instagram

33 साल पहले संगठनों ने किया था इस गाने का विरोध/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड के फेमस आइटम सॉन्ग्स की इस सीरीज में आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपनी रिलीज के साथ ही पूरे देश में बवाल मचा दिया था।

33 साल पहले रिलीज हुआ यह गाना आज भले ही आइकॉनिक और टॉप आइटम सॉन्ग्स की लिस्ट में शुमार हो, लेकिन जब यह रिलीज हुआ था, तो इसके 'डबल मीनिंग' बोल होने की वजह से इस पर संसद में भी जमकर बहस हुई थी। साल 1993 में रिलीज हुआ वह गाना कौन सा था, जिसे लेकर 32 से ज्यादा सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था? आइए विस्तार से पढ़ते हैं पूरी खबर:

33 साल पहले इस गाने ने मचाया था हंगामा

हिंदी सिनेमा के जिस कल्ट सॉन्ग की वजह से सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हुआ था, वह साल 1993 में रिलीज हुई सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म 'खलनायक' का था। इस फिल्म में संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में एक आइटम सॉन्ग था, जिसका टाइटल था 'चोली के पीछे क्या है', जो उस दौर का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ था।

यह गाना मुख्य रूप से माधुरी दीक्षित और नीना गुप्ता पर फिल्माया गया था। मुंबई की सड़कों से शुरू हुए इस गाने के विवाद की गूंज देखते ही देखते संसद भवन तक पहुंच गई थी। बॉलीवुड लाइफ डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, 33 साल पहले जब यह गाना रिलीज हुआ था, तो संसद सत्र के दौरान कई सांसदों ने इसका कड़ा विरोध किया था। इस गीत के बोल 'चोली के पीछे क्या है, चुनरी के नीचे क्या है' को अश्लील बताते हुए तर्क दिया गया था कि इस तरह के गाने समाज और संस्कृति पर बुरा प्रभाव डालते हैं।

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रिपोर्ट्स की मानें तो कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने गाने का भारी विरोध किया और इसे बैन करने की मांग की। उनका कहना था कि यह गाना महिलाओं के खिलाफ छेड़खानी के मामलों को बढ़ावा देगा। विरोध इतना बढ़ गया था कि इस आइटम सॉन्ग को 'दूरदर्शन' और 'ऑल इंडिया रेडियो' जैसे प्लेटफॉर्म्स से बैन कर दिया गया था। 

विवाद का मिला फायदा, बिकीं 1 करोड़ से ज्यादा कैसेट्स

'चोली के पीछे क्या है' गाने पर मचे बवाल ने असल में फिल्म और म्यूजिक कंपनी को जबरदस्त फायदा पहुंचाया। भारी विरोध प्रदर्शन और बैन के बावजूद, रिलीज के 1 हफ्ते के अंदर ही इस एल्बम की एक करोड़ से ज्यादा कैसेट्स  बिक गई थीं, जो उस समय अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था।

उस दौरान दिल्ली के एक वकील ने इस गाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर इसे 'महिला विरोधी' बताया था और कैसेट्स की बिक्री पर हर जगह रोक लगाने की गुजारिश की थी। हालांकि, कोर्ट ने वकील की इस याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि गाने में कुछ भी अश्लील नहीं है।

Video Credit- Tips Official 

आनंद बख्शी ने किया था गाने को डिफेंड

'चोली के पीछे क्या है' गाने के बोल मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। हंगामे के बीच उन्होंने अपने इस गाने का बचाव  करते हुए इसे एक राजस्थानी लोकगीत से प्रेरित बताया था। साथ ही उन्होंने क्लियर किया था कि गाने के शब्दों का असली मतलब 'दिल' से है। मशहूर गायिका अलका याग्निक और ईला अरुण की जादुई आवाज में गाया गया यह गीत आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार गानों में गिना जाता है।

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