मुंबई। पर्दे पर धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की जोड़ी काफ़ी लोकप्रिय रही है। दोनों ने साथ में शोले जैसी कई सुपर हिट फ़िल्मों में काम किया है। रियल लाइफ़ में भी एक-दूसरे को पसंद करते हैं। सिनेमा में कई दशक का सफ़र कर चुके दोनों सुपरस्टार्स अब अपनी अलग-अलग दुनिया में हैं। हालांकि कई बार पुरानी यादें इन्हें एक-दूसरे के क़रीब ले आती हैं। हिंदी सिनेमा के इन दो दिग्गज कलाकारों ने संयोग से ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देख उनके फै़ंस भी मुस्कुरा उठेंगे।

कुछ दिन पहले अमिताभ बच्चन ने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया में पोस्ट की थी, जिसमें वो खुले में खटिया पर सोये हुए दिखायी दे रहे हैं। मुंबई के पॉश इलाक़े में एक बंगले में आरामदायक जीवन बिताने वाले बिग बी को इस तरह खटिया पर सोया देख फ़ैंस भी अभिभूत हो गये और इस तस्वीरों को ख़ूब पसंद किया। अमिताभ बच्चन की तस्वीरें झुंड फ़िल्म के सेट की हैं। नागराज मंजुले की फ़िल्म झुंड की शूटिंग महाराष्ट्र के कस्बाई इलाक़ों में हुई है, जहां अमिताभ ने खटिया पर सोने के साथ बैलगाड़ी की सवारी भी की। 

अब अमिताभ के शोले पार्टनर धर्मेंद्र अपनी 55 साल पुरानी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है, जिसमें वो खाट पर नींद का लुत्फ़ उठा रहे हैं। इस तस्वीर की ख़ासियत यह है कि पास में उस दौर की महंगी गाड़ी इम्पाला कार खड़ी है। धर्मेंद्र ने बताया कि यह तस्वीर उन्हें किसी फॉलोअर ने भेजी है। तस्वीर 1964 की है। धर्मेंद्र लिखते हैं। 1964 में भगवान की कृपा से मेरे पास एयर कंडिशंड इम्पाला कार थी, जिसमें सोने की पर्याप्त जगह थी, मगर जाट को नींद खाट पर ही आती है। 

तस्वीर में यह तो साफ़ नहीं हो सका कि कहां की है, मगर माना जा रहा है कि शूटिंग के दौरान की है और धर्मेंद्र कुछ देर सुस्ताने के बाद खाट पर लेट गये थे। धर्मेंद्र सिनेमा की दुनिया में स्टारडम हासिल करने के बाद भी गांव उनके दिल से निकला नहीं है। वो ख़ुद को किसान मानते आये हैं और अक्सर वो इसका ज़िक्र करते रहे हैं। उनके इंस्टाग्राम एकाउंट से पता चलता है कि उनका अधिकांश समय मुंबई के नज़दीक स्थित फार्म हाउस पर ही बीतता है। 

अमिताभ के फ़िल्मी करियर में धर्मेंद्र का अहम योगदान रहा है, जिसे अमिताभ अक्सर स्वीकार भी करते हैं। धर्मेंद्र की सिफ़ारिश पर ही अमिताभ हिंदी सिनेमा की कालजयी फ़िल्म शोले का हिस्सा बने थे। अमिताभ की पहली सुपर हिट फ़िल्म ज़ंजीर की कहानी असल में धर्मेंद्र के ही पास थी, जिसे उन्होंने प्रकाश मेहरा को बेच दिया था। इस फ़िल्म ने अमिताभ को सिनेमा में एंग्री यंगमैन के रूप में स्थापित किया। सत्तर और अस्सी के दशक में धर्मेंद्र और अमिताभ ने शोले के अलावा चुपके-चुपके और राम बलराम जैसी फ़िल्मों में भी काम किया। 

Posted By: Manoj Vashisth

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