मुंबई। 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए टेरर अटैक में 40 से अधिक सीआरपीएफ जवानों की शहादत के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद ख़राब दौर से गुज़र रहे हैं।

पुलवामा की जवाबी कार्रवाई के तौर पर पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राक्स और फिर पाकिस्तानी फौज द्वारा विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पकड़ लिया जाना, इन घटनाक्रमों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था। अभिनंदन की वतन वापसी हो चुकी है, मगर दोनों देशों के बीच नफ़रत में कोई कमी नहीं आयी है। 

नफ़रत के इस माहौल में वेटरन एक्टर धर्मेंद्र ने बेहद अहम बात ही है। उन्होंने एक कविता के ज़रिए अपने जज़्बात बया किये हैं। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान का सीधे नाम नहीं लिया है, मगर संदेश बेहद साफ़ है। धर्मेंद्र ने इंस्टाग्राम एकाउंट पर लिखा है- ''किया कर दूँ......मैं .......किया कर दूँ ........... बग़ावत कर दूँ .....इंक़लाब ला दूँ ............... उखाड़ नफ़रतों को जड़ों से ................... हर खित्ता ए ज़मीं में .......मुहब्बतें बो दूँ ......... मोहब्बतों की फ़ौज बना लूँ ..........फिर ......... कर तबाह...... तबाहकुँन इस दौर ए नफ़रत को .....झुलसती सुलगती ... इस धरती .......... दुनिया भर की इस माँ को ......मैं जन्नत बना दूँ ...... मैं जन्नत बना दूँ ............''

 

 

 

 

 

 

 

 

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किया कर दूँ......मैं .......किया कर दूँ ........... बग़ावत कर दूँ .....इंक़लाब ला दूँ ............... उखाड़ नफ़रतों को जड़ों से ................... हर खित्ता ए ज़मीं में .......मुहब्बतें बो दूँ ......... मोहब्बतों की फ़ौज बना लूँ ..........फिर ......... कर तबाह...... तबाहकुँन इस दौर ए नफ़रत को .....झुलसती सुलगती ... इस धरती .......... दुनिया भर की इस माँ को ......मैं जन्नत बना दूँ ...... मैं जन्नत बना दूँ ............

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बॉलीवुड में अपनी एक्शन इमेज के लिए विख्यात धर्मेंद्र ने पर्दे पर जंग भी लड़ी है। रामानंद सागर की ललकार और चेतन आनंद की हक़ीक़त युद्ध के विषय पर बनीं कल्ट फ़िल्में हैं। इन फ़िल्मों में धर्मेंद्र ने हिंदुस्तानी फौजी के रोल में ज़बर्दस्त काम किया है। 

1962 में हुए भारत-चीन युद्ध पर बनी हक़ीक़त बेहतरीन वॉर फ़िल्म है। इस फ़िल्म का मोहम्मद रफ़ी का गाया हुआ गीत 'कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों...' वतनपरस्ती और शहादत का एंथम माना जाता है। 

Posted By: Manoj Vashisth

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