महज 1 फिल्म बनाने वाला डायरेक्टर, जिस दिन मिला नेशनल अवॉर्ड उसी दिन हुई मौत; दिल चीरने वाली है दास्तां
हिंदी सिनेमा में एक ऐसे फिल्ममेकर थे जिन्होंने सिर्फ एक फिल्म बनाई और नेशनल अवॉर्ड जीता। हालांकि बाद में उनकी मौत हो गई।

महज एक फिल्म बनाकर गया ये डायरेक्टर
HighLights
अवतार कृष्ण कौल ने सिर्फ एक फिल्म '27 डाउन' बनाई
फिल्म को दो नेशनल अवॉर्ड मिले, जो बड़ी उपलब्धि थी
अवॉर्ड मिलने के दिन ही 34 साल की उम्र में निधन हुआ
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपको ये कहा जाए कि सिनेमा में एक ऐसा फिल्ममेकर आया, जिसने महज एक फिल्म बनाई और खूब मशहूर लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। सुनकर भले ही आपको ताज्जुब लगे, लेकिन यह सच है। हिंदी सिनेमा के उस डायरेक्टर की कहानी आज हम आपको बताएंगे, जिसने महज एक फिल्म बनाई और नेशनल अवॉर्ड जीता, लेकिन नियति का खेल तो देखिए कि जिस दिन उस डायरेक्टर को अवॉर्ड मिला उसी दिन उनका निधन हो गया।
कौन है वो डायरेक्टर?
दरअसल आज जिस डायरेक्टर का जिक्र हम कर रहे हैं उस डायरेक्टर का नाम अवतार कृष्ण कौल (Avtar Krishna Kaul) है। वही फिल्ममेकर जिसने अपने करियर में सिर्फ एक ही फिल्म बनाई। हालांकि यह फिल्म ऐसी बनाई कि इसकी चर्चा खूब हुई। यहां तक कि फिल्म के नाम नेशनल अवॉर्ड भी आया, पर अफसोस बाद में इस डायरेक्टर की मौत हो गई।
अवतार कृष्ण कौल का जन्म कश्मीर के एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन से ही सिनेमा और कला में गहरी रुचि थी। हालांकि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, तो ऐसे में उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा। आखिरकार उन्हें विदेश मंत्रालय में क्लास IV की नौकरी मिली और इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें यूएस जाने का मौका मिल गया। यूएस जाकर उन्हें कई नौकरियां कीं। न्यूयॉर्क में सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क से पढ़ाई पूरी की और यहीं पर उन्होंने शादी भी कर ली।
पहली ही फिल्म बनाकर रचा इतिहास
विदेश से भारत आकर उन्होंने हिंदी सिनेमा की ओर कदम रखा। शुरूआती दौर में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और फिर साल 1974 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म बनाई। हिंदी के मशहूर लेखक रमेश बक्शी के लोकप्रिय उपन्यास 'अठारह सूरज के पौधे' को अपनी फिल्म की कहानी के रूप में चुना।
फिल्म के लिए उन्होंने राखी और एम.के रैना को चुना। राखी ने फिल्म में शालिनी और एम.के रैना ने संजय का किरदार निभाया और इस फिल्म का नाम था '27 डाउन' (27 Down)। फिल्म की कहानी को उन्होंने ही लिखा और उन्होंने ही फिल्म को डायरेक्ट भी किया। फिल्म की कहानी एक इंसान की थी, जो अपनी चाहतों और जिम्मेदारियों के बीच फंस जाता है। फिल्म इतनी कमाल बनी कि इसके नाम दो नेशनल अवॉर्ड आ गए।
दुखद था अवतार कृष्ण कौल का अंत
फिल्म के नाम दो नेशनल अवॉर्ड आए तो ये किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं थी। अपनी ही फिल्म से अवतार कृष्ण कौल ने इतिहास रच दिया। बताया जाता है कि एक दिन वह मुंबई के एक समुद्र किनारे थे। बताया जाता है कि वो समुद्र में किसी को डूबने से बचाने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान वह खुद लहरों की चपेट में आ गए।
इस हादसे ने उनकी जान ले ली और डूबने से उनकी मृत्यु हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि जिस दिन उनकी मौत हुई, उसी दिन राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कारों का एलान हुआ था। वो अपनी इस उपलब्धि को देख तक नहीं पाए। महज 34 साल की उम्र में वो चले गए।
अवतार कृष्ण कौल ने अपने जीवन में सिर्फ एक ही फिल्म बनाई, लेकिन वह एक फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। यही वजह है कि पूरे जीवन में उन्होंने एक फिल्म बनाकर सिनेमा को हमेशा के लिए यादगार तोहफा दिया और चले गए।
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