सुबह-सुबह टीवी पर जरूर आता था संजय दत्त का 34 साल पुराना गाना, उदित नारायण ने दिखाया 'इंतजार का असली दर्द'
उदित नारायण के 90 के दशक के सुपरहिट गाने ने उस समय खूब धूम मचाई थी। इसमें संजय दत्त और नगमा की जबरदस्त केमिस्ट्री नजर आई।

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। उदित नारायण (Udit Narayan) ने अपनी सुरीली और जादुई आवाज से सालों तक हिंदी सिनेमा में राज किया। 90s के दशक में उन्होंने कई बेहद रोमांटिक और एनर्जेटिक गाने गाए।
उन्होंने हिंदी के अलावा नेपाली, भोजपुरी, मैथिली और दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी बहुत सुंदर गीत गाए। कयामत से कयामत तक का पापा कहते हैं, जो जीता वही सिकंदर का पहला नशा और फिल्म राजा हिंदुस्तानी का गाना कितना प्यारा तुझे रब ने बनाया उनके कुछ सुपरहिट गाने हैं जिन्हें दर्शक बहुत ही आनंद के साथ सुनते हैं।
साल 1992 में रिलीज हुई थी फिल्म
आज हम आपको उदित नारायण के ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने वाले हैं जिसने रिलीज के समय 90s में खूब धूम मचाई थी। इसे दर्शक काफी सुनना पसंद करते थे और फरमाइश भी करते थे। हम बात कर रहे हैं फिल्म 1992 में रिलीज हुई फिल्म 'यलगार' (Yalgaar) के गाने 'आखिर तुम्हें आना है' (Aakhir Tumhe Aana Hai ) की।
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इस गाने में संजय दत्त और नगमा नजर आए। बारिश के बैकड्रॉप में उनकी केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया था। उदित नारायण और सपना मुखर्जी ने इसे अपनी आवाज दी थी। मशहूर गीतकार सुदर्शन फाकिर ने लिखा था और इसका खूबसूरत संगीत चन्नी सिंह (Channi Singh) ने दिया था।
फिरोज खान थे फिल्म के निर्देशक
गाने की लाइन 'आखिर तुम्हें आना है' में एक गहरा भरोसा है। इसमें प्रेमी को यह पूरा यकीन है कि चाहे जितनी भी दूरियां हों या परिस्थितियां विपरीत हों, उनका साथी लौटकर उनके पास जरूर आएगा। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक मशहूर बॉलीवुड अभिनेता फिरोज खान थे।
यलगार की कहानी दो बचपन के दोस्तों, एक ईमानदार पुलिस कमिश्नर कुमार और एक अपराध की दुनिया के डॉन राजेश्वर के बीच के टकराव और दुश्मनी की है। फिल्म में संजय दत्त और नगमा के अलावा मनीषा कोइराला और फिरोज खान नजर आए।
