Hanuman Ansh डायरेक्टर की अगली फिल्म Ram Bola पर विवाद, महावीर जैन- चंद्रप्रकाश द्विवेदी के बीच छिड़ा टाइटल वॉर
गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित 'रामबोला' शीर्षक से दो फिल्मों की घोषणा के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

एंटरटेनमेंट ब्यूरो, मुंबई: रामचरित मानस जैसे ग्रंथ की रचना करने वाले महाकवि गोस्वामी तुलसी दास के जीवन पर सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर एकसमान शीर्षक की घोषणा से विवाद खड़ा हो गया है।
फिल्म को लेकर छिड़ा विवाद
दरअसल, टिकट खिड़की पर 220 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी फिल्म हनुमान अंश के निर्देशक डाक्टर विशाल चतुर्वेदी की दूसरी फिल्म रामबोला की घोषणा हुई। इस फिल्म को महावीर जैन प्रोड्यूस कर रहे हैं।
उनके प्रोडक्शन हाउस महावीर जैन फिल्म्स की तरफ से इस फिल्म की घोषणा इंस्टाग्राम पर की गई। दूसरी ओर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी अपनी फिल्म रामबोला की घोषणा की।
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उन्होंने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा,'उन्होंने भारत को ऐसा हथियार दिया, जिसे कोई भी साम्राज्य पराजित नहीं कर सका।' वह इस फिल्म का लेखन और निर्देशन कर रहे हैं। इस फिल्म के निर्माता मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी हैं।
बिना बताए किया फिल्म का एलान
बता दें कि पहले गोस्वामी तुलसीदास का नाम रामबोला दुबे था। कहा जाता है कि उन्हें स्वयं प्रभु हनुमान के दर्शन हुए थे, उन्हीं के निर्देश के बाद तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना की। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने रामबोला को महावीर जैन द्वारा घोषित करने पर आपत्ति जताई है। दैनिक जागरण साथ बातचीत में चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि हमारे पास यह शीर्षक रजिस्टर है। इस फिल्म के बारे में महावीर जैन से चर्चा होती रही है।

पहले ही शेयर की जा चुकी थी जानकारी
उन्हें गत मार्च में ई मेल पर फिल्म से संबंधित जानकारी भेजी गई थी। उसमें आठ मिनट का आडियो वीडियो भी है। मैं यह नहीं कहता इस कहानी पर किसी और का अधिकार नहीं है। प्रत्येक नागरिक को है, लेकिन प्रश्न यह है यह कहानी किसी और के माध्यम से पहुंची? इसका फैसला फिल्म राइटर एसोसिएशन और अदालत करेगी। वहीं महावीर जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
आपको बता दें कि हनुमान अंश की सफलता के बाद फिल्म के लेखक और डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने महावीर जैन के साथ मिलकर फिल्म का एलान किया है। अब देखना यह है कि आखिरकार विशाल चतुर्वेदी और महावीर जैन की तरफ से इस पर क्या कहा जाता है।
