अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत इन दिनों अपनी फिल्म सोन चिड़िया को लेकर चर्चा में हैं. यह पहली बार है, जब वह डकैत की भूमिका निभा रहे हैं. सुशांत का कहना है कि डाकूओं पर बनने वाली कई फिल्में हैं. लेकिन अगर आप याद करें तो कुछ नाम ही सामने आते हैं.

खास बात इस फिल्म की यही है कि अब भी चंबल की दुनिया कई सालों बाद भी नहीं बदली है. इसमें डाकूओं की दुनिया को अलग अंदाज में अभिषेक चौबे ने शूट किया है. सुशांत सिंह राजपूत की पसंदीदा डाकूओं वाली फिल्मों में पान सिंह तोमर पसंदीदा फिल्म रही है. हालांकि सुशांत का कहना है कि वह जब कोई फिल्म साइन करते हैं तो फिल्म का जॉनर तय नहीं करते. वह काम वह ऑडियंस पर छोड़ देते हैं.

रियल जिंदगी में सुशांत कितने बागी हैं, यह पूछने पर सुशांत कहते हैं कि मेरी पिछली जिंदगी देखेंगे तो आपको लगेगा कि मैं बागी रहा हूं. लेकिन आने वाली जिंदगी के बारे में मैं ज्यादा नहीं सोचता हूं. सुशांत कहते हैं कि मैं चीजों को लेकर बागी नहीं होता हूं. मेरे पास फिल्मों के अलावा भी और भी काम होते हैं. तो मैं क्यों झगड़े करूं. लेकिन कई बार ऐसा हो जाता है कि आप बेवजह से झगड़े का हिस्सा बन जाते हैं. तो वह मुझे अच्छा नहीं लगता.

सुशांत का कहना है कि मेरी जिंदगी फिल्म पर निर्भर नहीं करती है. मुझे चूंकि परफॉरमेंस करना पसंद है तो मैं टीवी पर भी काम कर सकता हूं, फिल्मों में भी और थियेटर में भी. सुशांत कहते हैं कि मुझे इस बात का डर नहीं है कि मैं कभी रैंक 1 पर रहूंगा या नहीं रहूंगा. मैं कांप्टीशन पर यकीन नहीं करता हूं, क्योंकि मुझे स्टारडम की चाहत नहीं है. मैं ऐसे कई तमाम काम कर रहा हूं, जो मुझे करना चाहिए. वह पैसे को अपने काम के लिए ड्राइविंग फोर्स नहीं मानते हैं.

छोटे परदे से बड़े परदे की जर्नी के बारे में सुशांत का कहना है कि यह सोचना कि मैं छोटे परदे से आया हूं, यह गलती हो सकती है, क्योंकि मैंने थियेटर भी किया है. सुशांत कहते हैं कि मैंने हीरो हीरोइन के पीछे भी डांस किया है. वह दौर भी देखा है. यह मेरा 58वां कैरेक्टर है.

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Posted By: Rahul soni

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