कश्मीरी कविता पर बना था Hrithik Roshan का ये गाना, Shankar Mahadevan ने लगाए थे सुर; 26 साल बाद बना कल्ट क्लासिक
ऋतिक रोशन की फिल्म मिशन कश्मीर के गाने रिन्द पोश माल को आपने कई बार गाया होगा। शंकर महादेवन की ...और पढ़ें
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19वीं सदी के कश्मीरी कवि की कविता पर बना रिन्द पोश माल गाना/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
रिन्द पोश माल गाना नहीं 19वीं सदी की कविता है
मिशन कश्मीर के गानों की इन लाइनों का क्या पता है मतलब?
शंकर महादेवन की सुरीली आवाज ने किया गाने को अमर
एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। मिशन कश्मीर हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में से एक है। प्रीति जिंटा ऋतिक रोशन स्टारर इस फिल्म से बुमरो-बुमरो, चुपके से, सोचो के झीलो का शहर हो जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ें हुए हैं। कल्ट फिल्म के इन्हीं गानों में शामिल है शंकर महादेवन (Shankar Mahadevan) की आवाज में गाया गीत 'रिन्द पोश माल'।
जब मिशन कश्मीर रिलीज हुई थी, तो ऋतिक रोशन का ये गाना उस वक्त हर किसी ने गुनगुनाया था। हालांकि, यह बात शायद बहुत ही कम लोगों को पता होगी कि यह गाना नहीं, बल्कि एक कविता है, जिसे कश्मीर के सूफी कवि ने लिखा था। चलिए आपको बताते हैं रिन्द पोश माल लाइनों का मतलब।
कश्मीर के फेमस कवि ने अधूरी मोहब्बत में लिखी थी ये कविता
19वीं सदी के कश्मीर के सूफी कवि ने रसूल मीर ने 'रिन्द पोश माल' एक कविता लिखी थी, जो उनकी पारंपरिक और कालजयी रचना है। जी.आर.मलिक द्वारा लिखित, साहित्य एकेडमी ने 1990 में कश्मीर के प्रसिद्ध कवि 'रसूल मीर' पर एक किताब प्रकाशित की थी, जिसमें रिन्द पोश माल और इससे जुड़ी कहानी का जिक्र किया गया है। ऐसा कहा जाता है कि कवि रसूल मलिक एक 'कोंग' नाम की कश्मीरी महिला से बेहद प्यार करते थे और उन्हीं की याद में सूफी और कश्मीर के सबसे रोमांटिक कवि ने यह कविता लिखी थी।
रिन्द पोश माल कश्मीरी भाषा का शब्द है। रिन्द का मतलब है- मस्तमौला आजाद ख्याल वाला, पोश का मतलब है- फूल और माल का मतलब है- फूलों जैसी सुंदर स्त्री। उसके आगे की लाइन 'गिन्दने द्राय लो लो' का मतलब- खेलने के लिए बाहर निकल पड़े हैं। यह कश्मीरी कवि की एक सुंदर कविता है जिसमें वसंत ऋतु के आगमन की खुशी और प्रेमिका से दूर होने की पीड़ा को बड़े ही सहज तरीके से बताया गया है। कश्मीरी संस्कृति में यह गीत वसंत ऋतु के आगमन के रुप में गाया जाता है।

शंकर महादेवन की आवाज में बना अमरगीत
विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म मिशन कश्मीर का ये गाना शंकर महादेवन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ था, क्योंकि इस गाने के बाद ही बॉलीवुड के दरवाजे उनके लिए खुले थे। गाने के लिरिक्स समीर ने लिखे थे और इसका म्यूजिक शंकर-एहसान और लॉय ने मिलकर तैयार किया था। गाने में शंकर एहसान और लॉय के साथ-साथ ऋतिक रोशन थे।
फिल्म मिशन कश्मीर की कहानी कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी है, जिसमें पुलिस कार्रवाई और आतंकवादियों के बीच हुई गोलीबारी के दौरान अल्ताफ (Altaf) का पूरा परिवार उजड़ जाता है और उसे इनायत खान गोद ले लेता है। हालांकि, जब उसे पता चलता है कि उसके परिवार को मारने में किसी और का नहीं, बल्कि इनायत का हाथ है, तो वह घर से भागकर एक आतंकवादी संगठन से जुड़ जाता है।
