मुंबई। शम्मी कपूर भारतीय सिनेमा के ऐसे अभिनेता रहे हैं, जिन्होंने बॉलीवुड अभिनेताओं के डांस करने के चलन की शुरुआत की। आज शम्मी कपूर का बर्थ डे है। आइये इस मनमौजी और बॉलीवुड के पहले सुपरकूल डूड एक्टर शम्मी कपूर के बारे में कुछ और भी रोचक बातें जानते हैं।

आज के दौर में इंटरनेट के करोड़ों लोग दीवाने है। दिलचस्प बात यह है कि शम्मी कपूर फ़िल्म इंडस्ट्री में ही नहीं, देश मे भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले कुछ शुरुआती लोगों में से थे। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर खास पहचान बनाने वाले शम्मी कपूर का एक अलग ही अंदाज़ था! 

जन्म

पृथ्वीराज कपूर के घर 21 अक्टूबर, 1931 को जन्मे शम्मी कपूर पृथ्वीराज के चार बच्चों में से एक थे। उनकी मां का नाम रामशरणी कपूर था। शम्मी कपूर के बचपन का नाम शमशेर राज कपूर था। राजकपूर और शशि कपूर उनके दोनों भाई भी वेटरन एक्टर रहे हैं।

डेब्यू

शम्मी कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता थे। घर में फ़िल्मी माहौल पहले से ही था। शम्मी कपूर ने फ़िल्म 'जीवन ज्योति' से बॉलीवुड में कदम रखा। उनका अंदाज़ तब के तमाम अभिनेताओं से अलग था! हंसमुख, ज़िंदादिल और मस्ती से भरा। जिसे आज की पीढ़ी सुपरकूल कहती है!

इस अभिनेत्री पर आया दिल

क्या आप जानते हैं अभिनेत्री मुमताज जब 18 साल की थीं तभी शम्मी कपूर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज कर दिया था। मुमताज भी शम्मी से प्यार करती थीं। शम्मी चाहते थे कि वो अपना फ़िल्मी करियर छोड़कर उनसे शादी कर लें, लेकिन मुमताज ने इनकार कर दिया। तब कपूर खानदान की बहुएं फ़िल्मों में काम नहीं कर सकती थीं।

अपनी उम्र से बड़ी लड़की से शादी

शम्मी कपूर ने अपनी उम्र से बड़ी एक्ट्रेस गीता बाली से घर वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की थी। लेकिन, 1965 में चेचक की वजह से गीता बाली की मृत्यु हो गई जिसका शम्मी को गहरा झटका लगा। उन्होंने अपने आप पर ध्यान देना छोड़ दिया। वजन बहुत बढ़ गया और इससे बतौर हीरो उनका करियर भी प्रभावित हुआ।

दूसरी शादी के लिए रखी ये बड़ी शर्त

पहली पत्नी की मौत के बाद घर वालों ने शम्मी कपूर पर दूसरी शादी का दबाव बनाया क्योंकि शम्मी के बच्चे छोटे थे। शम्मी मान गए और गीता की मौत के चार साल के बाद उन्होंने नीला देवी से शादी कर ली। लेकिन, शम्मी ने नीला जोकि एक राजशाही परिवार से थीं उनके सामने यह शर्त रखी कि वह मां नहीं बनेंगी, उन्हें गीता के बच्चों को ही पालना होगा। नीला देवी शम्मी के इस शर्त को मान लीं। वे ताउम्र मां नहीं बनी और गीता के बच्चों को ही अपना माना।

शम्मी कपूर ने अपने पांच दशक के लंबे करियर में लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया। उनकी कुछ बेहतरीन फ़िल्में हैं- 'रंगीन रातें', 'तुमसा नही देखा', 'मुजरिम', 'उजाला', 'दिल देके देखो', 'जंगली', 'प्रोफेसर चाइना टाउन', 'ब्लफ मास्टर', 'कश्मीर की कली', 'राजकुमार', 'जानवर', 'तीसरी मंजिल', 'ऐन इवनिंग इन पेरिस', 'ब्रह्मचारी', 'तुमसे अच्छा कौन है', 'प्रिंस', 'अंदाज', 'विधाता' आदि।

Posted By: Hirendra J