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'सदमा' दे देती है Sridevi की ये फिल्म, 43 साल बाद भी क्लाइमैक्स देख भर आती हैं आंखें; फ्लॉप होकर भी बनी कल्ट 

Published: Mon, 20 Jul 2026 01:35 PM (IST)

श्रीदेवी (Sridevi) ने यूं तो कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, लेकिन उनकी एक फिल्म आज भी उनके करियर की सबसे ...और पढ़ें

श्रीदेवी की फिल्म जिसका क्लाइमैक्स था दर्दभरा। फोटो क्रेडिट- एक्स

श्रीदेवी की फिल्म जिसका क्लाइमैक्स था दर्दभरा। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक फिल्म जो अच्छी तो है, लेकिन उसे देखने के लिए ऑडियंस हिम्मत न जुटा पाए। 43 साल पहले सिनेमाघरों में आई एक फिल्म का क्लाइमैक्स इतना दर्दभरा था कि यह सिनेमा के इतिहास के सबसे बुरे सीन्स में शामिल हो गया। इसे देखते ही ऑडियंस सिसक-सिसककर रोने लगती।

इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर असफलता देखनी पड़ी जिसका दोष भी फिल्म के दर्दभरे क्लाइमैक्स को दिया जाता है। मगर आज यह फिल्म कल्ट क्लासिक बन गई है। यह श्रीदेवी के करियर की सबसे अच्छी फिल्म थी जिसमें उनकी परफॉर्मेंस ने हर किसी का दिल जीत लिया था।

43 साल पहले आई थी श्रीदेवी की ये फिल्म

यह फिल्म 1983 में आई सदमा (Sadma) है। बालू महेंद्र के निर्देशन में बनी फिल्म सदमा, 1982 में आई उन्हीं की तमिल फिल्म 'मूंद्रम पिराई' का हिंदी रीमेक थी। 'मूंद्रम पिराई' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। यही वजह थी कि एक साल बाद ही डायरेक्टर हिंदी रीमेक लेकर आए और इस बार कास्ट में श्रीदेवी (Sridevi) और कमल हासन (Kamal Haasan) को लिया गया।

क्या थी सदमा फिल्म की कहानी?

8 जुलाई 1983 को सिनेमाघरों में आई सदमा सिर्फ ढाई घंटे की फिल्म थी। शुरू में यह एक फील गुड मूवी लगेगी, लेकिन क्लाइमैक्स आते-आते यह आपके मन को भारी कर देगी और आंखों में आंसू ला देगी। कहानी नेहलता (श्रीदेवी) की है जिसकी एक्सीडेंट के चलते याद्दाश्त चली जाती है और उसका दिमाग 6 साल के बच्चे जैसा हो जाता है। वह अपने माता-पिता को भी नहीं पहचान पाती है। इलाज के दौरान उसका अपहरण हो जाता है और उसे (बाद में रेशमी नाम बदलकर) एक वेश्यालय में बेच दिया जाता है।

Sadma Movie

इसी दौरान नेहलता को सोमप्रकाश उर्फ सोमू बचाता है और उसे अपने घर ले आता है और उसकी देखभाल करता है। धीरे-धीरे नेहलता उस पर भरोसा करने लगती है। दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है। नेहलता को ठीक करने के लिए वह उसे एक वैद्य के पास ले जाता है और वहां वह ठीक हो जाती है। इस दौरान नेहलता की याद्दाश्त तो आ जाती है, लेकिन वह सोमू को नहीं पहचान पाती है।

सदमा का क्लाइमैक्स सीन था हार्टब्रेकिंग

जब नेहलता अपने परिवार के साथ ट्रेन से घर जाती है, तब सोमू घायल होकर भी उसे रोकने के लिए स्टेशन जाता है। कीचड़ से लथपथ और लंगड़ाते हुए सोमू को नेहलता को याद कराने की कोशिश करता है, लेकिन नेहलता उसे पहचान नहीं पाती है। उसे लगता है कि वह भीख मांग रहा है। नेहलता चली जाती है और स्टेशन पर दर्द में तड़पता सोमू अकेला रह जाता है।

 

ऑनलाइन कहां देख सकते हैं सदमा फिल्म?

कहा जाता है कि फिल्म का क्लाइमैक्स इतना दर्दभरा था कि ऑडियंस सिनेमाघर फिल्म देखने ही नहीं गई। खैर, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही, लेकिन कल्ट क्लासिक बन गई। इस फिल्म को आईएमडीबी पर 8.3 रेटिंग मिली है। फिल्म में कमल हासन और श्रीदेवी की जोड़ी भी हिट हो गई। दोनों की ये फिल्म यूट्यूब पर फ्री में मौजूद है।

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