'गलत फिल्में, गलत PR...', बिना काम के परिणीति चोपड़ा को बैठना पड़ा था घर, ट्रोलिंग पर भी तोड़ी चुप्पी
ओटीटी सीरीज शक (Shaque Series) में नजर आ रहीं परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) ने कटरीना कैफ को मिल रही ट्रोलिंग पर बात की है।

करियर-शक सीरीज पर बोलीं परिणीति
HighLights
इंडस्ट्री में परिणीति चोपड़ा को हुए 15 साल
थ्रिलर शो शक के जरिए सीरीज की दुनिया में रखा कदम
महिलाओं की ट्रोलिंग पर परिणीति का फूटा गुस्सा
प्रियंका सिंह, मुंबई। फिल्म लेडीज वर्सेस रिकी बहल से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) इंडस्ट्री में जल्द 15 साल पूरे करेंगी। इसे वह बड़ी उपबल्धि मानती हैं।
इसके साथ ही नेटफ्लिक्स (Netflix) पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज शक – ट्रस्ट नो वन (Shaque: Trust No One) से परिणीति ने वेब सीरीज की दुनिया में भी कदम रख दिया है।
इस शो, इंडस्ट्री में 15 साल, मां बनी अभिनेत्रियों के बढ़े वजन पर होने वाली ट्रोलिंग समेत कई मुद्दों पर एक्ट्रेस ने बात की है।
15 सालों में गलत फिल्में, गलत पीआर सब किया
इंडस्ट्री में 15 साल पूरे करने को लेकर परिणीति कहती हैं कि मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे, बिना काम के घर भी बैठी, फिर इतना काम भी मिला कि परिवार के लिए समय नहीं था। मैं किसी फिल्मीं परिवार से नहीं आती हूं। ऐसे में मैंने जितनी भी गलतियां की हैं, अपने दर्शकों के सामने की हैं। गलत फिल्में, फैशन, पीआर सब किया है। मैं अब भी केवल सीखने की प्रक्रिया में हूं। कभी किताब लिखूंगी, तो उसमें कई दिलचस्प किस्से होंगे।
रहस्य बरकरार रखना था
इस शो में परिणीति एक ऐसी मां की भूमिका में हैं, जो आठ साल से अपनी खोई हुई बेटी की तलाश कर रही है। उसे अपने परिवार पर भी शक है। इस रोल को करने को लेकर परिणीति कहती हैं कि ऐसा शो करना मजेदार होता है, जिसमें लोग अंत तक ढूंढते रहें कि जो हुआ उसे किसने किया है। मैंने काफी पहले शो शूट किया था।

ऐसे में इन रहस्यों को बरकरार रखना था, ताकि दर्शक जब शो देखें तो उन्हें मजा आए। इस शो में हर एक कलाकार की अपनी खासियत रही है। मुझे जब भावनाओं को समझना होता था, तो मैं सोनी (राजदान) मैम के पास चली जाती थी। हरलीन (सेठी) से मैं पूछती थी कि कहानी में आगे-पीछे क्या-क्या हुआ है। मैं इस सेट पर कई चीजें सीख रही थी।
समझे उतना काफी है
परिणीति खुद मां हैं, पिछले साल उन्होंने बेटे को जन्म दिया है। मांओं को कब काम करना चाहिए, कब ब्रेक लेना चाहिए, वह इस तरह के सवालों से परेशान होती हैं। वह कहती हैं कि पता नहीं आज भी महिलाओं को अपने कामों को दूसरों को समझाने की जरुरत क्यों पड़ती है। लोग कहते हैं कि नई मां हैं, उन्हें समय दो।
किस चीज के लिए समय देना है? ऐसा कहना और सोचना गलत है, जब तक वह खुद न कहे कि समय चाहिए। मांएं सशक्त होती हैं। मैं अगर अपने एब्स दिखाती हूं, तो वह जिम जाने का सबूत है। वैसे ही जब मैं एक बच्चा पैदा कर रही हूं, तो मेरे शरीर के स्ट्रेच मार्क्स हैं, मां बनने के सबूत हैं। कोई नई मां या गर्भवती महिला अगर काम कर रही है, तो उसे बुरा कैसे कह सकते हैं।
मैं चाहे जो करूं...
अभिनेत्री कटरीना कैफ (Katrina Kaif) समेत कई अभिनेत्रियों को पिछले दिनों मां बनने के बाद उनके बढ़े हुए वजन को लेकर ट्रोल किया गया। अभिनेता सलमान खान ने ट्रोलर्स की क्लास भी लगाई थी। परिणीति ने भी ट्रोलर्स को लेकर कहा कि मुझे अजीब लगता है कि कोई इंसान दूसरों की जिंदगी पर टिप्पणी करना अपना हक कैसे समझता है?
जैसे मैं आपकी जिंदगी पर कमेंट नहीं कर सकती हूं, वैसे ही आप भी नहीं कर सकते हैं। मैं जो पहनू, खाऊं-पीऊं, जहां जाऊं, किसी का कुछ कहने का हक नहीं है। महिलाओं की इसी बायोलाजिकल प्रक्रिया की वजह से लोग इस दुनिया में आए हैं, उस सामान्य प्रक्रिया पर टिप्पणी करना अजीब है। चलिए मान लीजिए कि वह पब्लिक फिगर हैं, इसलिए उन पर कमेंट किया, लेकिन क्या दिखाई नहीं देता कि जिस महिला पर कमेंट कर रहे हैं, उसने बच्चे को जन्म देकर दुनिया का सबसे मुश्किल काम किया है।

उसके नौ महीने एकदम सही जाने चाहिए, तभी एक सेहतमंद बच्चा पैदा होगा। फिर भी लोग उसके बढ़े वजन पर तुच्छ कमेंट करते हैं। आज मां बनने के बाद जब मैं अपने शरीर को देखती हूं, तो मुझे याद आता है कि मैंने उन नौ महीनों में क्या-क्या किया। मुझे अपने शरीर पर हर एक निशान मां बनने के खूबसूरत सफर की याद दिलाता है, मैं मुस्कुराती हूं। सच कहूं तो मैं तो दो मिनट भी अपनी जिंदगी के इन बेकार की बातों पर नहीं देना चाहती। मेरा समय बहुत कीमती है।
बच्चा-करियर दोनों चाहिए
सेट पर कामकाजी मांओं के लिए योग्य माहौल बनाने को लेकर परिणीति आगे कहती हैं कि सेट पर सब कुछ संभाला जा सकता है, चाहे स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कत हो या डेट्स की समस्या, तो फिर अगर आपकी जिंदगी में एक बच्चा आ गया है या आप गर्भवती हैं, तो उनके साथ लोग एडजस्ट क्यों नहीं करेंगे? अगर आप पहले ही अपने निर्माता-निर्देशक के साथ यह बातें कर लेंगे, जो रचनात्मक और इस बिजनेस के नजरिए से दोनों के लिए सही है, तो सब संभव है।
अगर फिल्म ऐसी है, जिसे गर्भवती होने की वजह से कोई अभिनेत्री नहीं कर पा रही है, तो बिजनेस को ध्यान में रखकर न करें। किसी प्रोजेक्ट या मां को लेकर सेट पर कोई नियम या कानून नहीं बनाए जा सकते हैं। अगर मेरा बच्चा सेट पर होता, तो मेरी जिम्मेदारियां और बढ़ जाती कि मैं वहां के माहौल के साथ कैसे सामंजस्य बिठाऊं।
अगर वह नहीं हो पाएगा, तो मैं प्रोजेक्ट ही नहीं करूंगी। मेरी तरह जो युवा कामकाजी महिलाएं हैं, वह काम के दौरान ही मां भी बनना चाहेंगी। ऐसा नहीं होगा कि मैं पहले करियर बना लूंगी, फिर मैं 75 साल की उम्र में रिटायर होकर बच्चा पैदा करूंगी। बच्चा और करियर दोनों आज ही चाहिए, तो साथ मिलकर काम करना है। हम सब पढ़े-लिखे हैं, इस बिजनेस को समझते हैं। इन बातों पर बवाल नहीं मचाना चाहिए। आजकल लोगों ने चीजों को बहुत ड्रमैटिक बना दिया है।
