विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'कहीं आदिपुरुष तो नहीं बन रही....', Ramayana के 'लक्ष्मण' को नितेश तिवारी की फिल्म को लेकर किस बात का संदेह?

By Priyanka SinghEdited By: Tanya Arora
Published: Fri, 10 Apr 2026 07:00 AM (IST)Updated: Fri, 10 Apr 2026 07:52 AM (IST)

रणबीर कपूर के 'रामायणम्' को सब तरफ से तारीफें मिल रही हैं। हालांकि, रामानंद सागर की 'रामायण' में 'लक्ष्मण' की ...और पढ़ें

सुनील लहरी को रणबीर कपूर की रामायणम् में लगी खामियां/ फोटो- Instagram

सुनील लहरी को रणबीर कपूर की रामायणम् में लगी खामियां/ फोटो- Instagram

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

प्रियंका सिंह, मुंबई। रामानंद सागर की कालजयी प्रस्तुति 'रामायण' में लक्ष्मण की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले सुनील लहरी मानते हैं कि रामायण की असली ताकत उसकी भव्यता नहीं, बल्कि उससे जुड़ी गहरी भावनाएं हैं।

हाल ही में नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायणम्' के टीजर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ कहा कि इसकी भव्यता और तकनीक के साथ प्रयोग करना ठीक है, लेकिन मूल भावनाओं और परंपरा के साथ छेड़छाड़ करना खतरनाक हो सकता है।

'रामायणम्' में ठीक नहीं लगीं कुछ चीजें - सुनील लहरी

इन दिनों एक वेब सीरीज में अभिनय कर रहे सुनील लहरी कहते हैं, "टीजर में मुझे कुछ चीजें ठीक लगीं और कुछ नहीं। इसे देखकर कई बार लगा कि कहीं यह 'आदिपुरुष' तो नहीं बन रही है? लेकिन फिर निर्देशक (नितेश तिवारी) की पिछली फिल्में देखकर और रणबीर कपूर जैसे एक्टर पर भरोसा जताते हुए लगता है कि वे कोई गलती नहीं करेंगे। अभिनय उनकी विरासत है और वे अपनी हंसी नहीं उड़वाना चाहेंगे।"

 "दरअसल, रणबीर की पिछली फिल्मों की वजह से उनकी एक खास छवि बनी हुई है। ऐसे में उन्हें श्रीराम की भूमिका में देखना दर्शकों के लिए भी बिल्कुल नया होगा। मुझे इसमें साइंस फिक्शन वाले राक्षस बिल्कुल पसंद नहीं आए; वे 'आदिपुरुष' की तरह ही निराशाजनक लगे। आज भी हमें वीभत्स रस में बड़ी-बड़ी मूंछों, आईब्रो, लाल आंखों, बड़े बाल और विशाल शरीर वाले राक्षस ही चाहिए। रामायण बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित 'रामायण' और तुलसीदास के 'रामचरितमानस' के मूल स्वरूप को न बदला जाए।"

ramayana sunil lehri  (1)

यह भी पढ़ें- वो सुपरस्टार जो पर्दे पर 5 बार बना 'राम' तो 5 बार निभाया 'रावण' का किरदार, अब तक कोई नहीं तोड़ पाया यह रिकॉर्ड

'हजार करोड़ भी फिल्म नहीं चला पाएंगे'

सुनील लहरी ने भावनाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "इससे जुड़ी भावनाएं बहुत गहरी हैं। अगर वे पर्दे पर नहीं दिखीं, तो कई हजार करोड़ का बजट भी फिल्म को नहीं चला पाएगा। मुझे आज भी याद है, पापाजी (रामानंद सागर) ने अरुण (गोविल) से कहा था कि तुम्हारा पात्र भावुक है, लेकिन जो भावनाएं तुम्हारे भीतर हैं, वे चेहरे पर नहीं दिखनी चाहिए। वे भाव 'लक्ष्मण' के जरिए दिखाए जाएंगे। राम और लक्ष्मण को कभी अलग नहीं किया जा सकता है।"

उन्होंने अपने और अरुण गोविल के रिश्ते पर बात करते हुए बताया, "अरुण को जब श्रीराम का पात्र मिला था, तब वह कई फिल्में करके रामायण से जुड़े थे। मैंने भी तब तक एक-दो फिल्में की थीं। मैंने सेट पर अरुण को पहले दिन से एक स्टार की तरह नहीं, बल्कि एक बड़े भाई की तरह देखा था। आज भी हमारा वही रिश्ता है। वह भी मुझे छोटा भाई समझते हैं, और यही वजह है कि वह रिश्ता स्क्रीन पर भी इतनी शिद्दत से दिखा था।"

ramayana1

रवि दुबे के 'लक्ष्मण' किरदार पर क्या बोले सुनील?

'रामायणम्' में लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे एक्टर रवि दुबे को लेकर सुनील लहरी ने कहा, "अभी उनके किरदार का लुक बाहर नहीं आया है, लेकिन मुझे पता है कि वह एक संवेदनशील एक्टर हैं और अच्छा काम करेंगे। देखा जाए तो आज तक हमारी 'रामायण' धारावाहिक के अलावा किसी और प्रोजेक्ट में लक्ष्मण के पात्र को बहुत ज्यादा गहराई से नहीं दिखाया गया है।"

उन्होंने अपनी चिंता जाहिर करते हुए अंत में कहा, "रणबीर और रवि के स्टारडम के बीच काफी बड़ा अंतर है। ऐसे में फिल्म में उन्हें कितनी जगह मिलेगी, यह पता नहीं। उन्हें केवल परछाई बनाकर रखना सही नहीं होगा। रामायण में कई जगहों पर लक्ष्मण का किरदार बहुत सशक्त है। मुझे आज भी याद है कि हमारे धारावाहिक में जब लक्ष्मण मूर्च्छित हुए थे, तो देश के कई घरों में लोगों ने उनके लिए व्रत रखा था।"

यह भी पढ़ें- 28 साल पहले Ramayana का भगवान राम बना था साउथ का ये सुपरस्टार, फिल्म को मिला था नेशनल अवॉर्ड