'तुझे सूरज कहू या चंदा' बनाने वाले संगीतकार को बुढ़ापे में इकलौते बेटे ने दिया सबसे बड़ा दर्द, बेटियां बनी मरहम
संगीतकार रवि, जिन्होंने 'चौदहवीं का चांद हो' जैसे अमर गीत दिए, अपनी धुनों की सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्हें बुढ़ापे में बेटे से दुख मिला।
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समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। संगीतकार रवि (Composer Ravi) को हिंदी सिनेमा के सबसे मधुर और सदाबहार संगीतकारों में से एक माना जाता है। उनकी धुनों में एक तरह की सादगी होती है जो अक्सर दिल को छू लेती है।
'चौदहवीं का चांद हो', 'छू लेने दो नाजुक होठों को', 'ऐ मेरी जोहरा जबी', 'चलो इक बार फिर से', 'बार-बार देखो हजार बार देखो', 'दिल के अरमां आंसुओं में बह गए' उनके कुछ सबसे यादगार और अमर गीतों में से एक हैं।
7 बार फिल्मफेयर के लिए हुए नॉमिनेट
म्यूजिक कंपोजर रवि का पूरा नाम रवि शंकर शर्मा था लेकिन इंडस्ट्री में वो रवि के नाम से जाने जाते थे। उन्होंने 1955 से लेकर साल 2005 तक कई फिल्मों में संगीत दिया। इसके लिए उनको 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड का नॉमिनेशन मिला। हालांकि जीत वो इसे सिर्फ दो बार पाए।
प्रोफेशनल लाइफ में रवि को कभी उतनी पहचान नहीं मिली जिसके वो काबिल थे। कुछ यही हश्न उनकी पर्सनल लाइफ का भी था। रवि ने संगीत की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली थी लेकिन वो शुरुआत से ही प्लेबैक सिंगर बनना चाहते थे।
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बनाई थी नागिन की पॉपुलर धुन
साल 1950 में रवि कमाने के लिए मुंबई आ गए। यहां वो किसी को नहीं जानते थे। कई रातें भूखे स्टेशन पर गुजारीं। उनका हुनर देखकर हेमंत कुमार ने उन्हें अपने असिस्टेंट के तौर पर काम पर रख लिया। फिर हेमंत कुमार के साथ काम करते हुए वे एक बेहतरीन संगीतकार के तौर पर उभरे। हेमंत कुमार की साल 1954 में आई फिल्म 'नागिन' में आपने जो पॉपुलर बीन की धुन सुनी होगी वो रवि जी ने ही तैयार की थी। गुमराह, पद्मिनी जैसी कई फिल्मों में संगीत देकर उन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
साल 1969 में एक फिल्म आई थी एक फूल दो माली। इसके एक गाना तुझे सूरज कहूं या चंदा बहुत पॉपुलर गाना था। इस गाने को गीतकार प्रेम धवन ने लिखा था और संगीतकार रवि (रवि शंकर शर्मा) ने संगीतबद्ध किया था। इस गीत में एक पिता अपने बच्चे के प्रति अपना प्यार और दुलार व्यक्त कर रहा है। यह गीत फिल्म में बलराज साहनी के ऊपर फिल्माया गया है जिसमें वो एक बच्चे को गोद में लेकर लोरी के तौर और पिता के आशीर्वाद के तौर पर उसे सुना रहे हैं।
बेटे ने दिया दुख
रवि के तीन बच्चे थे। दो बेटियां और एक बेटा। पिता की जिम्मेदारी जब बेटे अजय पर आई तो उन्होंने उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया। अजय ने एक्ट्रेस वर्षा उस्गांवकर से शादी की थी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि अजय पत्नी के साथ मिलकर पिता को यातनाएं देते थे। इससे परेशान होकर रवि ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद रवि का ध्यान उनकी दोनों बेटियों ने रखा।
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