Mirzapur The Movie की 'बीना भाभी' के खुलेंगे अतीत के पन्ने? रसिका दुग्गल के किरदार को लेकर ऑडियंस की डिमांड
रसिका दुग्गल ने मिर्जापुर: द मूवी में बीना त्रिपाठी के किरदार की सफलता पर बात की और साथ ही ये ...और पढ़ें

रसिका दुग्गल ने मिर्जापुर के बारे में की बात/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
बॉक्स ऑफिस से ज्यादा काम में ईमानदारी रखती है मायने
रसिका दुग्गल ने बताया-लोगों ने की बीना के स्पिन ऑफ की डिमांड
बीना त्रिपाठी बन मिर्जापुर-द मूवी में छाई रसिका दुग्गल
प्रियंका सिंह, मुंबई। मिर्जापुर वेब सीरीज के बाद अब मिर्जापुर: द मूवी में भी बीना त्रिपाठी के रोल में रसिका दुग्गल की सराहना हो रही है। यह उनकी पहली फिल्म है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर सौ करोड़ का आंकड़ा पार किया है। हालांकि, रसिका ने कभी अपने रोल बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई के लालच में नहीं चुने।
रसिका दुग्गल को दोबारा देखनी पड़ी थी मिर्जापुर सीरीज
मिर्जापुर की सफलता पर वह कहती हैं कि बतौर कलाकार मैंने कोई भी निर्णय बॉक्स ऑफिस को सोचकर नहीं लिए हैं। मैं अपने रचनात्मक सफर में खुद से ईमानदारी रखना चाहती हूं। बॉक्स ऑफिस सफलता अच्छी चीज है, हर कलाकार की जिंदगी में यह पल आना चाहिए। इसको अनुभव करने का मौका मिल रहा है, तो खुश हूं। मेरे लिए बॉक्स ऑफिस नंबर यही दर्शाता है कि मेरे दर्शक खुश हैं। उनका प्यार पाना कठिन और कीमती है।
वेब सीरीज में बीना का रोल काफी आगे बढ़ चुका है, लेकिन फिल्म में उसे शुरू से दिखाने के लिए मुझे फिर से पहला सीजन देखना पड़ा था। हालांकि, मैं ऐसा करना नहीं चाह रही थी, क्योंकि एक डर था कि कहीं मैं अपने काम की ही नकल ना करने लग जाऊं। फिर भी मैने देखा, क्योंकि बीना से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियां मैं भूल चुकी थी।

ओटीटी ने महिलाओं को खिलने का मौका दिया
रसिका ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं, जिसमें उनके साथ कई महिला कलाकार हैं, फिर चाहे वह मिर्जापुर हो या डेल्ही क्राइम। रसिका इस पर कहती हैं कि साल 2017 से पहले अगर देखें, तो ऐसी कहानियां कम ही लिखी जाती थी, जिसमें इतनी सारी महिलाएं एक साथ हो। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से पहले ऐसे मौके नहीं मिलते थे। अब ओटीटी के आठ-आठ एपिसोड महिला किरदारों को खिलने का मौका देते हैं, जिसका असर फिल्मों पर भी दिख रहा है।
खैर, यह तो शुरुआत है, सफर अभी बहुत लंबा है। मुझे लगता है जब हम महिलाएं तीन कदम आगे लेती हैं, तो कोई न कोई पीछे खींच लेता है, वह इस बात से खुश नहीं होते हैं कि महिलाओं को उनके वास्तविक अंदाज, उनकी दिक्कतों, पसंद-नापसंद के साथ स्क्रीन पर कैसे दिखाया जा रहा है। इस बात को लेकर लोगों को सजग होना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर भी देखिए महिलाओं पर कैसे टिप्पणियां की जाती। यह सब बदलने की जरुरत है, ताकि हम बराबरी की तरफ बढ़ पाए।

डेल्ही क्राइम में नीति सिंह और मिर्जापुर में बीना त्रिपाठी का रोल इतने समय से करने के बाद क्या कई बार अहसास होता है कि अब इन किरदारों को छोड़ने की जरुरत है?
इस पर रसिका आगे कहती हैं कि अगर वो समय आया तो मैं खुद छोड़ दूंगी। अब तक वो समय आया नहीं है, क्योंकि बीना के साथ कई रहस्य जुड़े हुए हैं। मैंने तो कइयों को कहते सुना है कि बीना का स्पिन ऑफ शो आना चाहिए कि उसकी जिंदगी पहले कैसी थी। स्पिन ऑफ भी उन्हीं पात्रों का बन सकता है, जिनमें गुंजाइश होती है। जहां तक नीति के किरदार की बात है, तो एक बार ऐसा डेल्ही क्राइम के दूसरे सीजन में हुआ था, वह शुरुआती स्टेज था कि शायद नीति के पात्र की मौत हो जाएगी।
जब निर्देशक ने मुझे यह बताया, तो मैंने उनसे यही कहा कि अगर यह कहानी की डिमांड है, तो मुझे दिक्कत नहीं है। मैं अपने काम से बेइमानी नहीं करूंगी। कहानी कलाकार से ज्यादा अहम और बड़ी होती है। खैर, ऐसा हुआ नहीं। फिलहाल लग भी नहीं रहा है कि इन किरदारों को इतनी जल्दी छोड़ने की जरुरत पड़ेगी।
