65 साल पहले Chhath Puja पर बना था पहला 'मगही गीत', लता मंगेशकर की छोटी बहन ने गाया था सुरीला गाना
छठ पर्व पर सबसे पहले साल 1961 में एक मगही गीत आया था। इस लता मंगेशकर की सबसे छोटी बहन ऊषा मंगेशकर ने गाया था।
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छठी माई का गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर भारत में छठ पर्व (Chhath Puja) बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। छठ एकमात्र ऐसा त्योहार है जिसमें डूबते हुए और उगते हुए दोनों समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
यह एक तरीके से प्रकृति और सूर्य देव के प्रति आभार प्रकट करने के लिए पूजा की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
हर जगह बजते हैं शारदा सिन्हा के गाने
अभी तो छठी मैय्या पर कई सारे गाने बनाए जा चुके हैं और कई दिनों पहले से शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) की आवाज हर घर के आंगन में गूंजने लगती है। आज हम आपको छठी माई के उस पहले गीत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने 65 साल पहले वो मैजिक सबसे पहली बार क्रिएट किया था।
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हम बात कर रहे हैं साल 1961 में रिलीज हुई फिल्म 'भईया' (Bhaiya) के गाने 'सुपवे नरियरवे'(Supwe Nariarwe)। इसे लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और आशा भोसले (Asha Bhosle) की छोटी बहन ऊषा मंगेशकर (Usha Mangeshkar) ने गाया था।
बीएन शर्मा ने दिया था संगीत
विंध्यवासिनी देवी और प्रेम धवन ने इसके बोल लिखे थे। बीएन शर्मा ने इसका संगीत दिया है। इसके बोले सुपवे नरियरवे में इस बात पर खास फोकस किया गया है जो छठी माई को सबसे प्रिय चीज है। भोजपुरी संस्कृति में 'सूप' (सुपवा) और 'नारियल' (नरियरवा) को छठ पूजा का सबसे पवित्र प्रसाद माना जाता है।
इस गाने का सबसे सुंदर भाव इसकी सरलता है। आज भी छठ पर्व के मौके पर चारों ओर रोशनी ही रोशनी दिखाई पड़ती है। बिहारियों के लिए ये सिर्फ एक आस्था का भाव नहीं बल्कि एक तरीके का इमोशन भी है।
गीत में भक्त कहता है कि वह छठी मैया को जोड़ों में सूप और नारियल अर्पित करेगा। फिल्म में तरुण बोस, विजय चौधरी, गोपाल, पद्मा खन्ना, शोभा खोटे, अचला सचदेव और हेलेन लीड रोल में नजर आए थे। फणी मजू्मदार (Phani Majumdar) ने इसे डायरेक्ट किया है।
