मिथुन-श्रीदेवी के लिए Kishore Kumar ने गाया था आखिरी गाना, मौत से 8 घंटे पहले किया था रिकॉर्ड
महान गायक रहे किशोर कुमार ने अपने करियर का आखिरी गीत मरने से 8 घंटे पहले रिकॉर्ड किया था।
-1791808845302_m.webp)
किशोर कुमार का आखिरी गीत (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट/AI)
HighLights
13 अक्टूबर को किशोर कुमार की डेथ एनिवर्सरी
मौत से चंद घंटे पहले रिकॉर्ड हुआ था ये गाना
इस दिग्गज संगीतकार ने सुनाया था किस्सा
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के सुरों के सरताज के तौर पर गायक किशोर कुमार (Kishore Kumar) को याद किया जाता है। 13 अक्टूबर 1987 को किशोर दा ने हार्ट अटैक की वजह से इस दुनिया को अलविद कह दिया था। मंगलवार को उनकी 39वीं डेथ एनिवर्सरी मनाई जाएगी।
इस आधार पर आज हम आपको किशोर कुमार के करियर के आखिरी गाने के बारे में अहम जानकारी देने जा रहे हैं, जिसकी रिकॉर्डिंग उन्होंने मरने से 8 घंटे पहले की थी। आइए जानते हैं कि वह कौन सा सॉन्ग था।
किशोर कुमार का आखिरी गाना कौन
12 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार मुंबई के महबूब स्टूडियो में मौजूद थे और वे संगीतकार बप्पी लहिरी के एक गाने की रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिसे मिथुन चक्रवर्ती और श्रीदेवी पर फिल्माया जाना था। उस गाने के बोल थे- गुरू गुरू आ जाओ... (Guru Guru Aa Jao) और ये गाना फिल्म वक्त की आवाज का हिस्सा था, जिसे किशोर कुमार की मौत के बाद सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था।

इस गाने की रिकॉर्डिंग के पीछे का किस्सा बप्पी लहिरी ने टाइम्स ऑफ म्यूजिक कार्यक्रम के दौरान सुनाया था। बप्पी ने बताया था- हमेशा की तरह महबूब स्टूडियो में किशोर दा अपने मजेदार अंदाज से सभी को हंसा रहे थे। हम लोग उस दौरान वक्त की आवाज फिल्म के गुरू गुरू आ जाओ गाने की रिकॉर्डिंग कर रहे थे।

हमें इस बात बिल्कुल भी अंदाजा नहीं थी कि किशोर दा मेरे साथ अपनी जिंदगी की अंतिम गीत रिकॉर्ड कर रहे हैं। मैं उनको मामा कहकर बुलाता था। मैं गाने की रिकॉर्डिंग के बाद शाम 6 बजे महबूब स्टूडियो से बाहर निकला और आधी रात पर 2 बजे मुझे ये खबर मिली की मामा (किशोर कुमार) अब इस दुनिया में नहीं रहे। ये सुनकर मेरी आंखों से आंसू बहने लगे।
किशोर कुमार के 16 हजार गीत
इस तरह से बप्पी लहिरी ने गायक किशोर कुमार के जीवन के आखिरी गाने के बारे में रोचक किस्सा सुनाया था। किशोर दा का आखिरी गाना भी काफी पॉपुलर हुआ और इस सॉन्ग में भी उनकी मधुर आवाज का जादू बखूबी सुनने को मिला था। आपको बता दें कि बतौर पार्श्व गायक किशोर कुमार 1940 से लेकर 1987 के बीच 58 साल की उम्र में 16 हजार से अधिक गीतों को गाया था।
