यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kantara: हिन्दी बेल्ट में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म 'कांतारा', खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी की तारीफ
Kantara Released in HIndi कन्नड़ फिल्म कांतारा की हर तरफ तारीफ हो रही है। फिल्म ने आज ही हिन्दी सिनेमाघरों ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। अपनी पैन इंडिया रिलीज के साथ, होम्बले फिल्म 'कांतारा' की हर तरफ तारीफ हो रही है। फिल्म ने कन्नड़ वर्जन में रिलीज होने के पहले दिन से ही अपना बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाना शुरू कर दिया था। 14 अक्टूबर को फिल्म हिन्दी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। धनुष, अनिल कुंबले, प्रशांत नील और कई अन्य हस्तियों ने फिल्म के लिए शुभकामनाएं दी। अब भारत के युवा मामले और खेल मंत्री, अनुराग ठाकुर ने भी फिल्म की टीम से मुलाकात की।
'कांतारा' की टीम ने की अनुराग ठाकुर से मुलाकात
अनुराग ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया पर 'कांतारा' की टीम के साथ उनकी मुलाकात की एक तस्वीर साझा की। टीम ने माननीय मंत्री को एक बुके गिफ्ट किया। अनुराग ठाकुर ने कैप्शन में लिखा- मैं @hombalefilms टीम से मिला और उनकी फिल्म #Kantara के लिए उनकी सफलता की कामना की। भारत को दुनिया का फिल्म केंद्र बनाने के लिए उनके विचारों को भी सुना।
I met @hombalefilms team and wished them success for their film #Kantara. Also listened to their ideas to make India film hub of the world.@VKiragandur @ChaluveG @Karthik1423 pic.twitter.com/CrOBhhHRnP
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) October 14, 2022
मंत्री ने की तारीफ
कन्नड़ फिल्म 'कांतारा' 30 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, इस फिल्म ने दो हफ्तों में भी धमाल मचा दिया है। 16 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ कन्नड़ से ही 72 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है। इतना ही नहीं बल्कि कन्नड़ भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म बन गई है। इतना ही नहीं बल्कि कन्नड़ भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म बन गई है। कांतारा के हिन्दी एडवांस बुकिंग की बात करें तो फिल्म ने अच्छा कलेक्शन दर्ज किया है। सिनेमाघरों में कांतारा को 'डॉक्टर जी' और 'कोड नेम तिरंगा' से कड़ी टक्कर मिल रही है।
प्रकृति प्रेम पर बनी है फिल्म
ऋषभ शेट्टी के इस कन्नड़ फिल्म की स्टोरी की बात करें तो फिल्म प्रकृति और मनुष्य के बीच संघर्ष को दर्शाती है जो कि कर्नाटक की लोक कथाओं पर आधारित है। फिल्म के डायरेक्टर का कहना है कि फिल्म केजीएफ 2 की कहानी से काफी अलग है और इसमें कंबाला और भूत कोला कला की पारंपरिक संस्कृति की कहानी बताई गई है।
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