विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्रीदेवी को यादकर भावुक हुए कमल हासन, कहा- 'याद आ रही है सदमा की लोरी'

By Manoj VashisthEdited By:
Published: Sun, 25 Feb 2018 09:22 AM (IST)Updated: Mon, 26 Feb 2018 07:34 AM (IST)

कमल हासन और श्रीदेवी की आख़िरी मुलाक़ात 25 जनवरी को एचटी इंडियाज़ मोस्ट स्टाइलिश अवॉर्ड 2018 के दौरान मुंबई में हुई थी।

श्रीदेवी को यादकर भावुक हुए कमल हासन, कहा- 'याद आ रही है सदमा की लोरी'
श्रीदेवी को यादकर भावुक हुए कमल हासन, कहा- 'याद आ रही है सदमा की लोरी'

मुंबई। श्रीदेवी के निधन की ख़बर से कमल हासन गहरे सदमे में हैं। कमल और श्रीदेवी अभिनय यात्रा के साथी रहे हैं और साथ में कई बेहतरीन फ़िल्मों में काम किया है। 

कमल ने अपना दु:ख व्यक्त करते हुए लिखा है- ''मैंने श्रीदेवी के जीवन को एक मासूम किशोरी से शानदार महिला बनते हुए देखा है। वो ऐसे स्टारडम की हक़दार थीं। उनसे आख़िरी मुलाक़ात समेत उनके साथ बिताए कई खु़शनुमा लम्हे में ज़हन में आ रहे हैं। अभी सदमा की ललेबी मुझे कचोट रही है। उनकी कमी बहुत खलेगी।'' कमल हासन और श्रीदेवी की आख़िरी मुलाक़ात 25 जनवरी को एचटी इंडियाज़ मोस्ट स्टाइलिश अवॉर्ड 2018 के दौरान मुंबई में हुई थी।

इस समारोह में कमल हासन को हॉल ऑफ़ फेम अवॉर्ड दिया गया था, जिसे उन्होंने श्रीदेवी के हाथों ही लिया था। कमल ने इस मौक़े पर कहा था कि मैं श्रीदेवी के हाथों अवॉर्ड लेकर ख़ुश हूं। ये यादों के सफ़र जैसा है। 

यह भी पढ़ें: उम्रभर का सदमा देकर अंधेरे में गुम चांदनी, श्रीदेवी के निधन से सकते में बॉलीवुड

बता दें कि कमल ने श्रीदेवी के साथ सदमा, आख़िरी संग्राम समेत कई तमिल फ़िल्मों में काम किया है। असल में बतौर लीडिंग लेडी उनकी पहली फ़िल्म कमल हासन के साथ ही थी, जिसका नाम था मूंदरू मुदीचु, जो 1976 में रिलीज़ हुई थी। सदमा दोनों के करियर की बेस्ट फ़िल्म मानी जाती है। ये तमिल फ़िल्म मूंद्रम पिराई का रीमेक थी, जिसमें इन दोनों ही लीड रोल्स प्ले किये थे। दोनों फ़िल्मों को बालू महेंद्र ने डायरेक्ट किया था। 

सदमा में श्रीदेवी ने एक मानसिक रूप से अविकसित लड़की का किरदार निभाया था, जिसकी देखभाल कमल का किरदार बिल्कुल बच्चों की तरह करता है। सुलाने के लिए लोरी भी सुनाता है। बाद में जब वो ठीक हो जाती है तो उसे कुछ याद नहीं रहता। कमल को इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया था।

यह भी पढ़ें: श्रीदेवी से लेकर दीपिका तक, साउथ की इन एक्ट्रेसेज़ का बॉलीवुड में रहा ह जलवा