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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बटला हाउस एनकाउंटर घटनाक्रम पर बनी फिल्म 'बटला हाउस' की रिलीज पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दो आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इसके संकेत दिए हैं। न्यायमूर्ति विभू बाखरू की पीठ ने सुनवाई के दौरान अगर यह पाया कि फिल्म का प्रभाव 2008 के सीरियल ब्लास्ट और एनकाउंटर से जुड़े मुकदमे पर पड़ेगा तो रिलीज पर रोक लगा दी जाएगी।

विभू बाखरू की पीठ ने यह भी कहा कि फिल्म का मुद्दा किसी उपन्यास से नहीं बल्कि पुलिस के दो मुकदमों की फाइल से जुड़ा है। ऐसे में फिल्म निर्माता यह नहीं कह सकते कि फिल्म एनकाउंटर पर आधारित नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता अरिज खान व शाहजाद अहमद को निर्देश दिया कि वे अपनी याचिका में संशोधन करें।  इस निर्देश के साथ ही पीठ ने सुनवाई को 13 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।

याचिका में कहा गया है कि इस फिल्म पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे केस के ट्रायल पर असर पड़ेगा। मामले में अरिज खान के खिलाफ निचली अदालत में अभी ट्रायल चल रहा है, जबकि आलम को निचली अदालत से उम्र कैद की सजा हो चुकी है और उसने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

गौरतलब है कि सितंबर 2008 में दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बटला हाउस में एक फ्लैट में छापेमारी की थी, जोकि एनकाउंटर में तब्दील हो गई। इस बहुचर्चित घटनाक्रम पर फिल्म बनी है, जोकि 15 अगस्त को सिनेमा घरों में रिलीज होने के लिए प्रस्तावित है। इसमें अभिनेता जॉन अब्राहम मुख्य भूमिका में हैं।

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Posted By: Nazneen Ahmed

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