नई दिल्ली, जेएनएन। हिंदी सिनेमा के शानदार अभिनेता इरफ़ान ख़ान का निधन इसी साल अप्रैल में हुआ था। उनके निधन से चाहने वालों को गहरा सदमा पहुंचा था। हाल ही में एक्टर चंदन रॉय सान्याल ने उनकी कब्र का एक फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट किया था। इस फोटो में इरफ़ान की कब्र की हालत कुछ ऐसी नज़र आ रही है, जैसे उसका ख्याल नहीं रखा जा रहा। इस पर एक फैन ने इरफ़ान की पत्नी सुतपा सिकदर को फेसबुक पर टोका तो उन्होंने बेहतरीन जवाब दिया।

मोनिका मुखर्जी नाम की यूज़र ने लिखा था- ''हाल ही में इरफ़ान भाई की कब्र का एक फोटो देखा, जिसे देखकर मेरा दिल टूट गया, क्योंकि अभी तो महज़ कुछ महीने ही हुए हैं और उनकी कब्र कूड़ेदान की तरह दिखने लगी है। मैंने सोचा, आपने रात की रानी का पौधा लगाया होगा, क्योंकि उन्हें यह पेड़ पसंद था। क्या हुआ? अगर यह फोटो सही है, तो यह शर्म की बात है। अगर आपके पास कोई सच्चा हालिया फोटो है तो कृपया उसे पोस्ट करें।''

इरफ़ान की पत्नी सुतपा सिकदर ने इसके जवाब में लिखा- ''औरतों को कब्रिस्तान में जाने की इजाज़त नहीं होती है। इसलिए मैंने रात की रानी इगतपुरी में लगाया था, जहां उनकी स्मृति-पट्टिका भी लगायी है। उनकी कुछ और पसंदीदा चीज़ें दफ़्नाई हैं। वो जगह मेरी अपनी है, जहां मैं घंटों बिना किसी टोका-टाकी के बैठ सकती हूं। उनकी रूह वहीं हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कब्र को ऐसे ही छोड़ दिया जाए... लेकिन जहां तक मौजूदा परिस्थिति की बात है तो बारिश में जंगली घास उग आती है। जिस फोटो की आप बात कर रही हैं, उसमें मुझे यह जंगली घास ख़ूबसूरत लगी। बारिश होती है, तो पौधे आते हैं और अगले मौसम में सूख जाते हैं, जिसके बाद उसे साफ़ किया जा सकता है। हर चीज़ का ठीक उसी तरह होना ज़रूरी है क्या, जैसा परिभाषित किया गया है? क्या पता, पौधों को बढ़ना एक मक़सद के तहत हो।

चंदन रॉय सान्याल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी तस्वीर

एक्टर चंदन रॉय सान्याल ने इंस्टाग्राम पर इरफ़ान की कब्र की फोटो पोस्ट की थी। उन्होंने इसके साथ लिखा था कि पिछले कुछ दिनों से इरफ़ान ख़ान की याद सता रही थी, इसलिए वो उनकी मज़ार पर गये थे। चंदन ने लिखा कि वो रजनीगंधा लेकर गये थे और सिरहाने रख दिया। इसके बाद बोझ थोड़ा कम हुआ। 

 

 

 

 

 

 

 

 

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४ माह हो गए थे , कोस रहा था , की मैं गया कैसे नहीं ? i was avoiding confronting and पिछली कुछ दिनों से उनकी याद सता रही थी, कल मैं उनके मज़ार पर गया , ख़ामोशी थी , वह लेटे हुए थे पेड़ो के इर्द गिर्द , उनका नाम था साहबज़ादे इर्र्फान अली खान . मैं रजनीगंधा लेके गया था , उनके सिरहाने रख के आ गया . खामोश खड़ा रहा , पेड़ लेह लाहा रहे थे . मैं मूढ़ा, फिर रुका . आने से पहले उनका एक हिस्सा , आशीर्वाद सहित लेके आ गया . अब थोड़ा बोझ कम हुआ . राहत . जाता रहूँगा , अब मामला पर्सनल है . सो लॉन्ग हुज़ूर. स्लीप वेल ... #irrfankhan #farewell

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बता दें कि इरफ़ान का निधन न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझने के बाद इसी साल 29 अप्रैल को हो गया था। उन्हें वर्सोवा के मुस्लिम कब्रिस्तान में सुपुर्दे-ख़ाक किया गया था। चंदन ने जो तस्वीर शेयर की है, वो वहीं की है।

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