35 साल पुराना माता रानी का भजन सुन हो जाएंगे भक्ति में लीन, आज भी घर-मंदिरों में गूंजता है गुलशन कुमार का गीत
गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) ने कई कल्ट भक्ति गीत दिए हैं। एक गीत तो 35 साल बाद भी घरों और मंदिरों की शोभा बढ़ाता है।

गुलशन कुमार का 35 साल पुराना भक्ति गीत। फोटो क्रेडिट- एक्स

समय कम है?
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। घर-मंदिरों में भक्ति गीत बजे और उसमें गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) के गीत न हों, ऐसा हो ही नहीं सकता है।
टी-सीरीज के मालिक रहे गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) ने यूं तो फिल्मी गानों में भी अपनी आवाज दी, लेकिन आज भी उन्हें उनकी भक्ति गीतों के लिए याद किया जाता है।
गुलशन कुमार ने 35 साल पहले मशहूर गीत से बनाई पहचान
'कैसेट किंग' के नाम से मशहूर गुलशन कुमार माता रानी पर बहुत सारे भजन और गीत गाए जो आज भी घर-मंदिरों में बजाए जाते हैं। कुछ गानों को उन्होंने प्रोड्यूस किया और एल्बम में फीचर हुए। उनका सबसे मशहूर गीत था- मैं बालक तू माता शेरांवालिये (Main Balak Tu Mata Sheranwaliye)।
यूट्यूब पर छाया गुलशन कुमार का भक्ति गीत
गुलशन कुमार ने यह गीत 1991 में बनाया था। इस गीत के आर्टिस्ट गुलशन ही थे, लेकिन आवाज बाबला मेहता (Babla Mehta) ने दी थी। इसके म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन और समीर सेन थे। गीत के बोल नक्श लयालपुरी ने लिखे थे। आज भी यह भक्ति गीत भजन-कीर्तन या मंदिरों में बजाया जाता है।
इस गाने को टी-सीरीज भक्ति सागर यूट्यूब चैनल पर इसे 37 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज हैं। यह गाना आज भी आपको भक्ति में लीन कर देता है।
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सस्ते दामों में कैसेट बिकवाते थे गुलशन कुमार
गुलशन कुमार को भक्ति गीत से ही पहचान मिली थी। उन्होंने अपने कैसेट को सस्ते दामों में बेचना शुरू किया और धीरे-धीरे वह आम जनता के घर-घर पहुंचकर लोगों के दिलों में जगह बनाई। आज भले ही वह इस दुनिया में न हों लेकिन अपने सदाबहार भक्ति गीत से फैंस के दिलों में जिंदा हैं। आज उनकी विरासत टी-सीरीज को उनके बेटे भूषण कुमार आगे बढ़ा रहे हैं।
साल 1997 में गुलशन कुमार की सरेआम हत्या कर दी गई थी। कहा जा रहा था कि वह एक मंदिर दर्शन करके लौट रहे थे, जब उन पर गोलियां चलाई गईं। इसके पीछे दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) का हाथ बताया जाता है।
