नई दिल्ली, जेएनएनl फिल्मकार जॉनी बख्शी का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गयाl उन्होंने 'डाकु और पुलिस' और 'खुदाई' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता हैl वहीं वह मंज़िलें और भी हैं, रावण और फ़िर तेरी कहानी याद आई जैसी कई फिल्मों का निर्माण भी कर चुके है। जॉनी बक्शी का कोरोना टेस्ट नकारात्मक आया है। जॉनी बक्शी का शनिवार को एक अस्पताल में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। बख्शी को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद शुक्रवार सुबह जुहू के आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

जॉनीबख्शी की बेटी प्रिया ने पीटीआई को बताया, 'सांस लेने में तकलीफ के कारण कल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। COVID-19 परीक्षण किया गया था और यह नेगेटिव आया था। कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन 1.30-2.00 बजे के बीच हो गया।' जॉनी का अंतिम संस्कार शनिवार को परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में एक श्मशान में किया गया।

चार दशकों के अपने करियर के दौरान जॉनी बख्शी ने ज्यादातर निर्माता के रूप में काम कियाl उन्होंने मंज़िलें और भी हैं, (1974), रावण (1984) और फिर तेरी कहानी याद आई (1993) जैसी फिल्मों का निर्माण किया है। उन्होंने राजेश खन्ना की दो फिल्मों डाकु और पुलिस (1992) और खुदाई (1994) का निर्देशन भी किया है। जॉनी बख्शी के परिवार में अब बेटे ब्रैंडो, केनेडी, ब्रैडमैन और बेटी प्रिया हैं।

ट्विटर पर अभिनेता अनुपम खेर ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, '#JohnnyBakshi के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। वह मुंबई में मेरे शुरुआती जीवन के दौरान एक निर्माता, मित्र, एक समर्थक और एक प्रेरक के रूप में अभिन्न हिस्सा थे। उनके हंसी अनमोल थी, जिसने हर किसी को खुश किया।' शबाना आज़मी ने लिखा, 'आज सुबह फिल्म निर्माता जॉनी बख्शी के निधन के बारे में पता चला.. मैंने उनके साथ फिल्म 'विश्वासघात' की थीं। उन्हें सिनेमा से लगाव था। परिवार और दोस्तों को संवेदना।'

फिल्म निर्माता कुणाल कोहली ने भी जॉनी बख्शी की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा, 'वह 'एक हेल्पफुल व्यक्ति' थे। जॉनी बक्शी सर के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह एक अच्छे आदमी थे। हमेशा मुस्कुराते रहते थे। RIP सर'

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