भारत के बाद अब विदेशों में भी बैन हुई Diljit Dosanjh की फिल्म Satluj, फैंस ने जताई नाराजगी
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' भारत के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दी गई है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
-1783770928214_m.webp)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म 'सतलुज' (Satluj) का विवाद और गहराता जा रहा है। मूवी 3 जुलाई को तीन साल की जद्दोजहद के बाद जी5 पर रिलीज हुई थी। सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी चर्चा भी हुई। लेकिन दो दिन बिना कोई सही कारण बताए इसे भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।
अब भारत में इसके हटाए जाने के एक हफ्ते बाद खबर आ रही है कि मूवी को इंटरनेशनल लाइब्रेरी से भी हटा दिया गया है। एनडीटीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि सतलुज को 10 जुलाई को ओटीटी से इंटरनेशनली हटा दिया गया है।
-1783771284966.jpg)
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से फिल्म के गायब होने के कुछ दिनों बाद ही इसकी IMDb यूजर रेटिंग भी हटा दी गई थी। 'सतलुज'को पहले पंजाब 95 का नाम दिया गया था। साल 2022 में इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक इसे मंजूरी का सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
फैन ने बैन को बताया गलत
फिल्म बनाने वालों ने पहले आरोप लगाया था कि CBFC ने फिल्म में 127 कट लगाने को कहा था। इसे 2023 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में भी दिखाया जाना था, लेकिन भारतीय अधिकारियों की आपत्तियों के बाद इसकी स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई थी। रेडिट पर कई यूजर्स ने इस बैन को लेकर अपनी आवाज उठाई है। कुछ लोगों ने लिखा है-'हर जगह इस पर बैन लगाकर लोग इसे और ज्यादा मशहूर बना रहे हैं। मेरे कुछ गैर-पंजाबी दोस्त ऐसे हैं जिन्हें इस फिल्म के बारे में बैन लगने के बाद ही पता चला, और अब वो इसी वजह से इसे देख रहे हैं।'
View this post on Instagram
वहीं एक दूसरे यूजर ने फिल्म पर लगे बैन पर अपनी राय शेयर की. उन्होंने लिखा- अभी मैंने भी चेक किया, हां अब ये उपलब्ध नहीं है। फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है, अब इसे रोका नहीं जा सकता
फिल्म को लेकर क्यों मचा हुआ है बवाल?
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की उस लड़ाई को दिखाने के कारण चर्चा में बनी हुई है, जो उन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर में कथित फर्जी एनकाउंटर और गैर-कानूनी तौर पर बड़े पैमाने पर किए गए शवों के अंतिम संस्कार के खिलाफ लड़ी थी।
सतलुज में दिलजीत के साथ कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्याण भी हैं।
यह भी पढ़ें- बैन रहेगी दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज'? केंद्रीय समिति की सिफारिश, राष्ट्रीय सुरक्षा व व्यवस्था के लिए रोक जरूरी
यह भी पढ़ें- ZEE5 से हटने के बाद पंजाब के गांवों तक पहुंची 'सतलुज', बड़ी स्क्रीनों पर दिखाई जा रही फिल्म; ग्रामीणों की जुटी भीड़
