नई दिल्ली, जेएनएन। करण देओल की डेब्यू फ़िल्म पल पल दिल के पास से सहर बाम्बा अपनी बॉलीवुड पारी शुरू कर रही हैं। सहर का बॉलीवुड से कोई कनेक्शन नहीं है। अपने डेब्यू को लेकर वो ख़ुश होने के साथ नर्वस भी हैं। सहर करण के दादा जी यानि वेटरन एक्टर धर्मेंद्र से काफ़ी प्रभावित हैं और उनकी एक सलाह के बारे में बताया, जो उन्होंने सहर को दी। 

सहर शिमला में पली-बढ़ी हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन मुंबई के जयहिंद कॉलेज से किया है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए सहर ने बताया कि सहर एक्टिंग में किस्मत आज़माना चाहती थीं और इसके लिए ऑडिशन दे रही थीं, लेकिन कहीं बात नहीं बन रही थी। तभी फ़िल्म के कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें फोन करके ऑडिशन के लिए बुलाया। तीन-चार राउंड के बाद सहर फाइनल हो गयीं। धर्मेंद्र से मुलाक़ात के बारे में सहर बताती हैं कि पहली बार उनसे खंडाला में मिली थीं, जहां फ़िल्म का स्क्रिप्ट रीडिंग सेशन हुआ था। सहर ने बताया कि धर्मेंद्र एक बंदर का वीडियो देख रहे थे और उन लोगों को भी दिखाया। 

धर्मेंद्र ने सहर को एक्टिंग टिप देते हुए कहा था कि स्पंज की तरह बनो। अपने चारों तरफ़ लोगों को ध्यान से देखो और उनसे जितना ले सकती हो लो। धर्मेंद्र ने इंडस्ट्री में बने रहने के लिए सहर को जमकर मेहनत करने की भी सलाह दी थी। सहर के मुताबिक, सनी देओल हार्ड टास्कमास्टर हैं। अगर उन्हें कुछ चाहिए तो वो करवाकर रहते हैं। मगर साथ ही धैर्यशील और दयालु भी हैं। 

'पल पल दिल के पास' एक लव स्टोरी है, जिसमें करण देओल एक पर्वतारोही बने हैं, जो टूरिस्ट्स को एडवेंचर स्पोर्ट्स करवाता है। ऐसी ही एक ट्रिप में सहर, करण को दिल दे बैठती हैं। फ़िल्म का डायरेक्शन सनी देओल ने ही किया है। फ़िल्म का टाइटल धर्मेंद्र की फ़िल्म ब्लैकमेल के एक गाने से लिया गया है। 

Posted By: Manoj Vashisth

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