मुंबई। पचास के दशक में हीरो बनने का ख़्वाब आंखों में लिये धर्मेंद्र सपनों के शहर मुंबई आये थे। कुछ संघर्ष के बाद फ़िल्मों में काम मिला और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। नाम कमाया, दौलत और शोहरत कमाई। हिंदी सिनेमा के सबसे ख़ूबसूरत सुपर स्टार्स में शामिल हुए, मगर कुछ बातें आज भी धर्मेंद्र को कचोटती हैं। कुछ यादें आज भी उनके दिल में कसमसाती हैं। 

80 साल की उम्र को पार कर चुके धर्मेंद्र आज भी अपने गांव और खेतों को नहीं भूले हैं। अक्सर बातों-बातों में वो कई दशक पीछे चले जाते हैं और उन चीज़ों को यादकर भावुक हो जाते हैं, जिनके साथ उनका बचपन बीता। धर्मेंद्र के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर भी इन्हीं यादों की तस्वीरें अक्सर नज़र आ जाती हैं। ताज़ा तस्वीर यादों की इसी बारात का हिस्सा है। धर्मेंद्र ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो अल्सेशियन नस्ल के दो डॉगी के साथ दिख रहे हैं। यह तस्वीर कुछ साल पुरानी है। धर्मेंद्र काफ़ी यंग हैं। दोनों कुत्तों की ज़ंजीरें धर्मेंद्र ने थामी हुई हैं। पीछे एक सफ़ेद रंग की गाड़ी खड़ी है, जो संभवत: उनकी वैनिटी वैन है। इन सारी चीज़ों की पृष्ठभूमि में हरियाली और पहाड़ का दिलकश मंज़र है। इस तस्वीर के साथ धर्मेंद्र ने देवनागरी में जो लिखा है, उससे पता चलता है कि गांव छोड़ने की टीस उनके दिल में कितने गहरे तक पैबस्त है।

गुज़रा हुआ ज़माना धर्मेंद्र को आज भी शिद्दत से याद आता है, बिल्कुल उनकी फ़िल्म देवर के गाने 'आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम, गुज़रा ज़माना बचपन का' की तरह। इन यादों धर्मेंद्र अपने इन दोनों वफ़ादार दोस्तों को भी मिस करते हैं, जिनकी याद उन्हें रुला जाती है। 

 

 

 

 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मुंबई —- मेरे सपनों का शहर —-नसीब हो गया मुझे —मगर यहाँ — वोह खेत ना थे — खलयान ना थे—वोह खुली हवा ना थी—-किसान बेटे को —गाँव की याद सताने लगी — दम घुटने लगा शहर की गहमागहमी में —- मालिक को रहम आगया —उस ने— अपनी ज़मीं का ख़ूबसूरत ये टुकड़ा—— मेरे नाम लिख दिया । और मैं —-अपने इन दो ख़ूबसूरत वफ़ादार दोस्तों के साथ —— बैक ग्राउंड में खड़े अपने इस —House on the wheels में वक़्त गुज़ारने अक्सर यहाँ चला आता —- अपनी हसरतों के मुताबिक़ ———-मैं—— मालिक ए दो जहाँ की—- इस बख़्शीश को सजाता चला गया।——और मेरे—-ये दो वफ़ादार ख़ूबसूरत यार ——एक एक करके मुझे छोड़ गए —— इन की याद अक्सर रुला जाती है मुझे!!!!!!!!

A post shared by Dharmendra Deol (@aapkadharam) on

गांव और खेत-खलिहानों की इसी याद के चलते मुंबई से बाहर धर्मेंद्र ने प्रकृति की गोद में एक अलग दुनिया बसायी है, जिसमें वो फुर्सत पाते ही लौट जाते हैं। फ़िल्मों में सक्रियता कम होने के बाद धर्मेंद्र का अधिकांश वक़्त अपने लोनावला स्थित फार्म हाउस पर बीतता है और वो तस्वीरों और वीडियो के ज़रिए अपने फॉलोअर्स को इसकी सैर करवाते रहते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

A post shared by Dharmendra Deol (@aapkadharam) on

वैसे अपने पालतू जानवरों से प्यार के मामले में सलमान ख़ान भी कुछ ऐसे ही हैं। सलमान अक्सर अपने डॉगीज़ की तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर कर अपना प्यार जताते रहते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने डॉग माय लव की तस्वीर साझा कर उसे याद किया था।

 

 

 

 

 

 

 

 

View this post on Instagram

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Kisses my love.....

A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) on

Posted By: Manoj Vashisth

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप