अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। दीपिका पादुकोण आज अपना 33 वां जन्मदिन मना रही हैं। उनके फिल्मी करियर में उनके निर्देशकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। खुद दीपिका मानती हैं कि उनके निर्देशकों ने उन्हें अलग-अलग किरदारों को निभाने का मौका दिया। यह दीपिका की काबिलियत रही कि शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ वैसी फिल्में की, जिसमें उन्हें सशक्त अभिनेत्री का दर्जा नहीं मिला और वह इस बात को कुछ सालों में ही समझ गयीं और उन्होंने अलग तरह के विषयों का चुनाव शुरू किया।

अपनी मेहनत और सूझ-बूझ से वह बॉलीवुड की नंबर वन अभिनेत्री बनीं। ऐसे में उनके अब तक के करियर में वे लोग, जिनके बारे में दीपिका भी मानती हैं कि उन्होंने उनके करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई है, वे दीपिका के बारे में क्या सोचते हैं। पेश है एक नज़र...

फराह खान की ओल्ड ईयर चार्म

फराह खान ने ही दीपिका पादुकोण को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहला मौका दिया था। फराह खान अपनी फिल्म ओम शांति ओम के लिए एक नयी लड़की की तलाश कर रही थीं। उन्होंने कई सारे ऑडिशन लिये थे, लेकिन दीपिका पादुकोण के उन्होंने कई विज्ञापन देख रखे थे। फराह को दीपिका को देख कर लगता था कि दीपिका में वह ओल्ड ईयर चार्म भी है और मॉर्डन गर्ल चार्म भी है। यही वजह थी कि उन्होंने दीपिका पादुकोण को अपनी फिल्म के लिए साइन किया। खास बात यह थी कि अपनी पहली ही फिल्म में दीपिका ने दोहरी भूमिका निभाई थी। फराह खान ने शाहरुख खान को दीपिका को अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए मनाया था।

शाहरुख खान की शांति दीपिका मानती हैं कि शाहरुख खान उनकी जिंदगी में बेहद खास लोगों में से एक हैं। चूंकि वह उनकी पहली फिल्म ओम शांति ओम के न सिर्फ प्रोडयूसर थे, बल्कि उनके को-स्टार भी थे और हर अभिनेत्री का सपना होता है कि शाहरुख खान के साथ वह किसी रोमांटिक फिल्म में स्क्रीन शेयर करें। शाहरुख खान से अपनी पहली मुलाकात दीपिका नहीं भूली हैं, जो कि मन्नत में हुई थी। शाहरुख ने उन्हें पहली मुलाकात में ही सहज बना दिया था। वहीं शाहरुख खान मानते हैं कि दीपिका काफी इमोशनल हैं और अपने काम को लेकर बहुत ईमानदार हैं। वह प्योर हैं। अपनी पहली फिल्म से ही जब वह कैमरे के सामने आयीं। उस वक्त से उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाये हैं और उन्होंने लगातार ग्रो किया है।

भंसाली की दीपिका

दीपिका पादुकोण के करियर में संजय लीला भंसाली की अहम भूमिका रही है। संजय लीला भंसाली की तीन फिल्में राम लीला, बाजीराव मस्तानी और पद्मावत ने दीपिका को अलग मुकाम दिया है। खुद भंसाली कहते हैं कि अभी वह दीपिका के साथ और काम करते रहना चाहते हैं। दीपिका को वह प्यार से जान बुलाते हैं और कहते हैं कि वह उनसे बेहद प्यार करते हैं। भंसाली का मानना है कि जैसी फिल्में वह बनाते हैं और जिस तरह का हार्ड वर्क वह करवाते हैं, हर अभिनेत्री के लिए वह सब सहना आसान नहीं होता है। खुद दीपिका ने माना है कि रामलीला के दौरान वह कई बार रो देती थीं, लेकिन बाद में भंसाली के क्राफ्ट और काम करने के तरीके को समझा और भंसाली की फेवरिट बनीं। भंसाली के अनुसार दीपिका मेहनती, खूबसूरती की मिसाल, करेज और निडरता का अदभुत मिश्रण हैं। वह कहते हैं कि जिस तरह दीपिका अपने हर सीन में अपनी बुद्धिमता के साथ काम करती हैं।वह कमाल है। दीपिका हर निर्देशक का प्यार बन सकती हैं, चूंकि जिस धैर्य से वह निर्देशक की बात सुन कर अपना 100 प्रतिशत देती हैं। वह कमाल हैं। भंसाली कहते हैं कि वह जितनी सिंपल हैं, उतनी ही बारीकियों पर ध्यान देती हैं।

रोहित शेट्टी की मीनम्मा

रोहित शेट्टी की फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में दीपिका पादुकोण ने लीड किरदार निभाया था। रोहित का मानना है कि इससे पहले दीपिका के कॉमिक साइड को दर्शकों ने नहीं देखा था कि दीपिका इमोशनल और ट्रेजिक किरदारों के अलावा कॉमिक दृश्यों में भी कमाल कर सकती हैं। चेन्नई में उन्हें दीपिका का वह पक्ष दिखा कर खुशी हुई थी।

शूजित सरकार की पीकू

शूजित की फिल्म पीकू से दीपिका को पारिवारिक वर्ग से सबसे अधिक प्यार मिला। शूजित अपनी पीकू के बारे में कहते हैं कि वह मेरी फेवरेट हैं और मैं और मेरे राइटर्स जब भी कुछ नया लिखते हैं। हमारे ज़हन में यह बात होती है कि हम दीपिका के साथ क्या नया कर सकते हैं। शूजित का मानना है कि दीपिका जहां गर्ल नेक्स्ट डोर के किरदार में भी परफेक्ट हैं, वहीं वह इमोशनल और पारिवारिक किरदारों में भी बखूबी ढल जाती हैं।

Posted By: Manoj Vashisth

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