फिल्म से हटा, रेडियो पर बना सुपरहिट; Asha Bhosle का वो आइकॉनिक गाना जिसके लिए गायिका ने ठुकरा दिया था बड़ा अवॉर्ड
Asha Bhosle ने इस गाने के लिए मिलने वाले फिल्मफेयर अवॉर्ड को ठुकरा दिया था। 48 साल पुराना यह गीत रेडियो पर खूब लोकप्रिय हुआ था।
-1788852231575_m.webp)
52 साल पुराना है ये आइकॉनिक गाना
HighLights
52 साल पुराना है ये आइकॉनिक गाना
सिंगर ने फिल्म में नहीं होने दिया था इस्तेमाल
रेडियो पर खूब हुआ था लोकप्रिय
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आशा भोसले ने भारतीय सिनेमा में कई भाषाओं में 12,000 गीतों को आवाज दी है। इनमें से कई गानें सुपरहिट हो गए और कई दशकों बाद भी सदाबहार हैं लेकिन उनका एक गाना ऐसा था जो कभी उस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाया जिसके लिए वो बना था।
रेडियो पर सुपरहिट हुआ था गीत
भले ही फिल्म में इस गीत को जगह ना मिली हो लेकिन रिलीज होने के बाद इसने रेडियो (Radio) पर धूम मचा दी। यह गाना उस वक्त रेडियो पर खूब लोकप्रिय हुआ। इस गाने के बोल हैं- चैन से हमको कभी आपने जीना ना दिया (Chain Se Humko Kabhi)।
यह भी पढ़ें- पहले मीनाक्षी, फिर करिश्मा... Asha Bhosle का वो 'चटपटा' गाना, दोनों ही गीतों को दी आवाज; 40 सालों से बना है कल्ट
क्यों नहीं बना फिल्म का हिस्सा ?
यह वाकया 1974 में रिलीज हुई फिल्म प्राण जाए पर वचन ना जाए के गाने 'चैन से हमको कभी आपने जीने ना दिया' का है। दरअसल संगीतकार ओ पी नैय्यर (O.P Nayyar) के साथ मतभेद के कारण आशा भोसले (Asha Bhosle) ने इस गाने को फिल्म में लिए जाने की परमिशन नहीं दी थी और इसीलिए यह उस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाया।
-1788852495090.webp)
आशा ताई ने नहीं लिया था गाने के लिए अवॉर्ड
रेडियो पर लोकप्रिय होने वाले गाने के लिए आशा ताई को 1975 में बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। लेकिन आशा भोसले ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके कुछ सालों बाद उन्होंने नए कलाकारों को मौका देने के लिए खुद ही इस प्रतिस्पर्धा से रिटायरमेंट का एलान कर दिया।
आशा भोसले का करियर
आशा भोंसले का करियर 8 दशकों तक चला और वे भारत की सबसे मशहूर प्लेबैक गायिकाओं में से एक रहीं; उन्होंने 20 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए।
-1788852538852.webp)
उन्होंने 10 की उम्र में मराठी गाने चला चला नव बाला से अपने करियर की शुरुआत की थी। आशा ताई को रोमांटिक सॉन्ग्स के साथ-साथ अपने खास अंदाज में गाए जाने वाले कैबरे सॉन्ग्स, पार्टी सॉन्ग्स और गजलों के लिए भी जाना जाता है। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी है, उन्होंने इसी साल अप्रैल में दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन उनकी आवाज सदियों तक उन्हें उनके फैंस के दिलों में जिंदा रखेगी।
आशा ताई को भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरुस्कार, पद्म विभूषण जैसे अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया था।
यह भी पढ़ें- जन्माष्टमी पर स्कूलों में जरूर सुनाई देता है कान्हा का ये गीत, 25 सालों से राधा-कृष्ण बनकर परफॉर्मेंस दे रहे बच्चे
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।