नई दिल्ली, जेएनएन। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शाह रुख खान के बेटे आयर्न खान को बीते दिनों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उनका नाम ड्रग्स मामले में सामने आया था, जिसके बाद आर्यन खान को एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं उन्हें करीब 25 दिनों तक जेल रहना पड़ा था। उस दौरान एनसीबी की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे।

लेकिन इस मामले में तब नया ट्विस्ट देखने को मिला जब हाल ही में बांबे हाई कोर्ट ने आर्यन खान और दो अन्य आरोपितों को क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में जमानत देने का विस्तृत फैसला शनिवार को सार्वजनिक किया था। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने कहा कि आर्यन खान और दो अन्य आरोपितों के खिलाफ पहली नजर में ड्रग्स पार्टी को लेकर साजिश रचने के सुबूत नहीं मिले हैं। बांबे हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद देश की कई बड़ी हस्तियों ने एनसीबी और सरकार के खिलाफ बयानबाजी की।

इनमें बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक राम गोपाल वर्मा का भी नाम शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए एनसीबी पर गुस्सा निकाला है। साथ ही राम गोपाल वर्मा ने कहा है कि अगर शाह रुख खान के बेटे को फंसाया जा सकता है तो आम लोगों का भगवान की जानें क्या होगा। दिग्गज निर्देशन के यह बात अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कही है।

राम गोपाल वर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'आर्यन खान की बेगुनाही सामने आने के बाद यह लोकतंत्र पर बहुत बड़ा मजाक है कि जांच एजेंसियों को अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने के लिए जवाबदेह नहीं बनाया गया है। अगर यह शाहरुख खान के बेटे के साथ हो सकता है तो आम लोगों के साथ क्या होगा भगवान जाने?' इतना ही नहीं राम गोपाल वर्मा ने देश की न्यायिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

राम गोपाल वर्मा ने एक न्यूज पेपर की खबर को शेयर करते हुए लिखा, 'आर्यन खान के केस में 2 अलग-अलग कोर्ट के फैसलों की तुलना करना डरावना है। इससे सवाल उठता है कि आखिर कोई न्याय व्यवस्था पर विश्वास कैसे कर सकता है।' सोशल मीडिया पर राम गोपाल वर्मा के यह दोनों ट्वीट तेजी से वायरल हो रहे हैं। निर्देशक के फैंस और तमाम सोशल मीडिया यूजर्स उनके ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

आपको बता दें कि हाल ही में बांबे हाई कोर्ट के जस्टिस एनडब्ल्यू सांब्रे की एकल पीठ ने 28 अक्टूबर को आर्यन खान, उनके दोस्त अरबाज मर्चेट और फैशन माडल मुनमुन धमेचा को एक-एक लाख रुपये के निजी बांड पर जमानत दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आर्यन के फोन की चैटिंग में कुछ भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। इसे पढ़ने के बाद ऐसा नहीं लगता कि आर्यन, मर्चेट और धमेचा ने अपराध के लिए कोई साजिश रची होगी।  

Edited By: Anand Kashyap