अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन अभिनेता, लेखक, स्कॉलर और मैथेमिटिशियन कादर खान ने इस दुनिया को 31 दिसंबर को अलविदा कहा. कनाडा में उनकी मृत्यु हुई. 1 जनवरी को यह खबर भारत में उनके प्रशंसकों के बीच पहुंची तो सभी शोकाकुल हुए. इसके बाद उनके बेटे सरफराज ने एक बातचीत में कहा कि उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से केवल डेविड धवन का ही कॉल आया. लेकिन स्टार प्लस के नये शो दिल तो हैप्पी है जी के सेट पर जब अरुणा ईरानी से मुलाकात हुई, जिन्होंने कादर खान के साथ कई बड़ी फिल्मों में काम किया है तो उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत कादर खान की पत्नी से हुई.

अरुणा ईरानी ने जागरण डॉट कॉम से बातचीत में कहा कि उन्हें कादर खान की पत्नी ने कहा कि कादर खान शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि दिल से बीमार अधिक हो गये थे. जबसे उन्हें फिल्मों में काम मिलना कम हुआ, उस वक्त से वह बहुत चिढ़े-चिढ़े से रहते थे और गुस्से में रहते थे. किसी पर भी खीझ जाते थे. उन्होंने खुद से भी प्यार करना कम कर दिया था. अरुणा कहती हैं कि कादर भाई जिस मुकाम पर पहुंच चुके थे, जिस ऊंचाई पर पहुंच चुके थे, वहां से नीचे देखना मुश्किल हो ही जाता है.

अरुणा कहती हैं कि उनकी तबीयत उसी वक्त से बिगड़ने लगी थी. बैकस्टैप आना मुश्किल हो जाता है. उनके लिए वापस आना मुश्किल था. वह बेहतरीन कलाकार, लेखक भी थे. तो जाहिर है कि उनको लगा कि कहां उठा कर रख दिया. वह डिप्रेशन में थे. अरुणा कहती हैं कि मेरी अभी भाभी ( कादर खान की पत्नी ) से बात हुई , जिस दिन उनकी मौत हुई थी. भाभी ने कहा कि अरुणा कुछ भी नहीं हुआ था. लेकिन अरुणा ने कहा कि मैं तो 18 साल से सुन रही हूं कि भाईजान बीमार हैं तो भाभी ने फिर कहा कि उन्होंने जब से काम बंद किया, बस चिड़-चिड़ करते थे. किसी से मिलते नहीं थे. फोन नहीं उठाते थे. किसी से बात नहीं करना चाहते थे. अपने आप को एकदम अकेला कर लिया. इस चक्कर में न उनका चलना -फिरना हुआ. न बॉडी को कोई मूवमेंट मिला. सब खत्म हो गया. उसकी वजह से वह हर दिन दुखी होते गये.

यह पूछे जाने पर कि क्या किसी एक्टर की मौत पर पूरी इंडस्ट्री को कम से कम उनके अंतिम संस्कार में तो जरूर पहुंचना चाहिए. इस पर अरुणा कहती हैं कि इस दुनिया का वही सच है कि डाई, वेन यू आर इन लाइमलाइट. तात्पर्य यह है कि आप जब लाइमलाइट में हैं, तभी आपकी मौत हो तो लोग मिलने आते हैं. अरुणा कहती हैं कि पहले तो किसी को पता भी नहीं चलता था कि कोई मर गया. अब तो मीडिया के कारण लोगों को पता भी चल जा रहा है. वहीं अरुणा ने बताया कि कादर खान, असरानी, अरुणा और शक्ति कपूर इंडस्ट्री के चार शैतान माने जाते थे, जो कि कोई भी कॉमेडी फिल्म में जान डाल देते थे. अरुणा कहती हैं कि उनकी बांडिंग तो कादर खान के साथ बहुत ही कमाल की थी.

Posted By: Rahul soni

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