नई दिल्ली, जेएनएन। देश इस समय वक़्त कोरोना वायरस पैनडेमिक से जूझ रहा है। महामारी के इस दौर में कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ लोगों की मदद के लिए आगे आये हैं और सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि सेलेब्रिटीज़ चैरिटी वर्क करते हैं, मगर इसकी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाती, जिसकी वजह से सोशल मीडिया में उन्हें ट्रोल किया जाता है। सवाल पूछे जाते हैं कि वो चुप क्यों हैं। अमिताभ बच्चन को भी कई बार ऐसी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। ट्रोल्स को जवाब देते हुए बिग बी ने अपने ब्लॉग में एक लम्बी से पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने ना चाहते हुए भी अपने चैरिटी वर्क की जानकारी दी।

अमिताभ ने लिखा- हां, मैं चैरिटी करता हूं, लेकिन कभी इस बारे में बात करना ठीक नहीं समझा। यह शर्मिंदा करने वाला है। ऐसे पेशे में होने के बावजूद सार्वजनिक रूप से मौजूद रहने में झिझक होती है। पर हर रोज़ गालियों और अपमानजनक कमेंट्स का दवाब रहता है। हालांकि, मेरे या मेरे परिवार के लिए यह मायने नहीं रखता। हम यह सब काफ़ी पहले से देखते आ रहे हैं। 

1500 किसानों का कर्ज़ चुकाया

बिग बी ने ब्लॉग में बताया कि उन्होंने अपने निजी फंड से 1500 किसानों का बैंक का कर्ज़ा चुकाया था, ताकि खुदकशी ना करें। इनमें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और यूपी के किसान शामिल थे। इन सभी किसानों को कर्ज़ चुकाने के प्रमाण-पत्र दिलवाये गये। 30-50 लोगों के लिए ट्रेन में बोगी बुक करवायी गयी। मुंबई आने पर उन्हें बस में बिठाा गया। मुंबई घुमाया गया और जनक लाया गया। उन्हें खाना खिलाया गया और कर्ज़ चुकाने के प्रमाण-पत्र दिये गये। उन्हें ट्रेन के ज़रिए वापस उनके घर भेजा गया। यह सब मेरे खर्च पर हुआ। 

प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाया

पुलवामा में आतंकी हमलों में शहीद हुए जवानों के परिवारों को जनक लाया गया। अभिषेक और श्वेता के हाथों उनकी मदद की गयी। बिग बी आगे बताते हैं कि पिछले कोविड के दौरान देश के 4 लाख दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक महीने तक खाने की व्यवस्था की। मुंबई में लगभग 5000 लोगों के लंच और डिनर की व्यवस्था की गयी थी। फ्रंटलाइन वर्कर्स, पुलिस, हॉस्पिटल्स के लिए अपने निजी फंड से मास्क और पीपीई किट्स की व्यवस्था की थी। सिख समितियों के साथ मिलकर प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था की, जिसके अधितकर ड्राइवर सिख थे। कुछ प्रवासी ऐसे थे, जिनके पैरों में जूते तक नहीं थे। हज़ारों की संख्या में चप्पल-जूते दिये गये। यातायात की कोई सुविधा ना होने की वजह से यूपी और बिहार की कई जगहों के लिए 30 बसें बुक की गयी थी। यात्रा के लिए पानी और खाना दिया गया था। 

मुंबई से यूपी तक 2800 प्रवासियों के लिए अपने ख़र्च पर एक पूरी ट्रेन बुक की थी और जब राज्यों ने ट्रेन को रोक दिया तो उनके लिए 3 चार्टर्ड इंडिगो एयरलाइन प्लेंस की व्यवस्था की और हर एक फ्लाइट में लगभग 180 मजदूरों को ले जाया गया। और जब वायरस फैलना शुरू हुआ तो एक डायग्नोस्टिक सेंटर दान किया। दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारा में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के साथ मिलकर शुरू किया गया। अपने नाना, नानी और मां की याद में एमआरआई मशीन, सोनोग्राफी और दूसरे स्कैन उपकरणों की व्यवस्था की गयी, जो मेरे बस के बाहर थे। 

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की व्यवस्था

इसी क्रम में अमिताभ आगे बताते हैं कि दिल्ली में आज रकाबगंज साहिब गुरुद्वारा में 250-450 बेड के केयर सेंटर की स्थापना की गयी है और जल्द उनके लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स का इंतज़ाम किया जाएगा। इसका सीमित स्टॉक है, इसलिए जहां ज़रूरत है वहां दिल्ली और मुंबई में दिया जाएगा। बिग बी ने बताया कि 15 तक 50 पोलैंड से और बाक़ी 150 शायद अमेरिका से मंगाये गये हैं, जिनके ऑर्डर दे दिये गये हैं। इनमें से कुछ आ गये हैं, जिन्हें ज़रूरत के अनुसार, अस्पतालों को दिया गया है। 

मेरी सीमित क्षमता के अनुसार, बीएमसी और म्यूनिसिपल अस्पतालों के लिए लगभग 20 वेंटीलेटर्स का ऑर्डर दिया गया है, जो कुछ दिनों में आ जाएंगे। आज 10 आ गये हैं और कस्टम से रिलीज़ होने के बाद डिलीवर किये जाएंगे। जुहू आर्मी लोकेशन पर रितम्भरा स्कूल के हॉल में 25-50 बेड का केयर सेंटर बनाया जा रहा है, जिसमें सारी फेसिलिटीज़ होंगी और 12 मई तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए। इसके लिए फंड दे दिया गया है। इसके अलावा भी बिग बी ने ब्लॉग में कोरोना वायरस पैनडेमिक से जुड़े चैरिटी वर्क और डोनेशन का ज़िक्र किया है।  

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप