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50 हजार गीतों को दी आवाज, 47 साल पहले गाया सदी का सबसे दर्दभरा गाना; अब कहां हैं दिग्गज सिंगर K.J. Yesudas?

Published: Sun, 11 Oct 2026 08:10 PM (IST)

के.जे. येसुदास (K.J. Yesudas), एक ऐसे दिग्गज सिंगर जिन्होंने भारतीय सिनेमा को 50,000 से ज्यादा गाने दिए। आखिर अब कहां हैं और क्या करते हैं?

कौन हैं दिग्गज सिंगर के.जे. येसुदास?

कौन हैं दिग्गज सिंगर के.जे. येसुदास?

HighLights

  1. कौन हैं दिग्गज सिंगर के.जे. येसुदास?

  2. भारतीय सिनेमा को दिए 50,000 गाने

  3. अब कहां हैं और क्या करते हैं दिग्गज सिंगर?

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। दिल के टुकड़े-टुकड़े करके... मुस्कुरा के चल दिए...शायद ही कोई म्यूजिक लवर ऐसा होगा जिसने ये गाना नहीं सुना होगा। जब ये लिरिक्स कानों में पड़ते हैं तो सीधा दिल को छूते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इस कल्ट गाने के पीछे आवाज थी के.जे. येसुदास की, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को 50,000 गानों की सौगात दी है।

कौन हैं के.जे. येसुदास?

कट्टासेरी जोसेफ येसुदास एक भारतीय प्लेबैक सिंगर और संगीतकार हैं जो भारतीय शास्त्रीय, भक्ति और फिल्मी गाने गाते हैं। उन्हें भारतीय संगीत के इतिहास के सबसे महान गायकों में से एक माना जाता है और वे आधुनिक युग में केरल के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक और मनोरंजन उद्योग के आइकन हैं।

छह दशकों के करियर में, येसुदास ने भारतीय भाषाओं जैसे मलयालम, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, तुलु, हिंदी, ओडिया, बंगाली, मराठी के साथ-साथ अरबी, अंग्रेजी, लैटिन और रूसी भाषाओं में 50,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं।

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भारतीय संगीत में उनके योगदान और उनकी मधुर आवाज के सम्मान में उन्हें 'गानगंधर्व' की उपाधि दी गई है।

इन मशहूर गीतों को दी आवाज

के.जे. येसुदास ने भारतीय सिनेमा को कुछ ऐसे गीत दिए हैं जो सदियों तक म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट में रहेंगे। इनमें सबसे ज्यादा 'गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा' और 'दिल के टुकड़े-टुकड़े करके' सुने जाते हैं। उनके कुछ मशहूर हिंदी गीत हैं-

जब दीप जले आना

सुरमयी अंखियों में

तू जो मेरे सुर में

जानेमन जानेमन तेरे दो नैन

अब कहां हैं और क्या करते हैं येसुदास?

के.जे.येसुदास (K.J.Yesudas) अब चकाचौंध से दूर हैं और बहुत कम सार्वजनिक तौर पर उनकी मौजूदगी होती है। हाल ही में वे अमेरिका के डलास में रहते हैं और पिछले कुछ सालों में भारत बहुत कम आए हैं। वे ज्यादातर वक्त अपने परिवार के साथ ही बिताते हैं।


सितंबर 2026 में उन्हें टेक्सास (अमेरिका) में केरल एसोसिएशन ऑफ डलास के गोल्डन जुबली समारोह में देखा गया जहां उन्होंने परफॉर्मेंस भी दी। वैसे उनका पैतृक घर केरल के फोर्ट कोच्चि में है जिसे एक म्यूजियम में बदलने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

जब येसुदास ने किया अवॉर्ड लेने से मना

महान संगीतकार ने अपनी कला के लिए अब तक कई बड़े पुरस्कार जीते हैं और एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें खुद इन अवॉर्ड्स को देने के लिए सरकार से अपील तक करनी पड़ी। 1987 में येसुदास ने केरल राज्य सरकार से अपील की कि अब भविष्य में उन्हें किसी अवॉर्ड के लिए ना चुना जाए।

ऐसा करने के पीछे की वजह थी कि वे नए और उभरते हुए कलाकारों को मौका देना चाहते थे ताकि उन्हें पुरस्कारों से वंचित ना रहना पड़े।

येसुदास को मिले ये बड़े सम्मान

येसुदास ने 23 बार केरल राज्य का बेस्ट मेल प्लेबैक सिगंर का अवॉर्ड जीता। दिग्गज सिंगर को पद्म श्री, पद्म भूषण, और पद्म विभूषण से नवाजा गया है। उन्हें 8 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए नेशनल अवॉर्ड दिया गया है।

के.जे. येसुदास ने 60 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी और छह दशकों तक भारतीय सिनेमा में अपना बड़ा योगदान दिया और अब चकाचौंध से दूर परिवार के साथ अपना समय बिता रहे हैं। भले ही वे मैनस्ट्रीम संगीत से दूर हों लेकिन उनके दिए गए गाने सालों तक फैंस के दिलों में बसे रहेंगे।

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