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'गूंगी' मोहब्बत के लिए Madhuri ने झूम-झूमकर गाया था ये गाना, Alka Yagnik की आवाज में आज भी है सदाबहार

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:17 PM (IST)

29 साल पुराने गीत को माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) पर फिल्माया गया था और इसे अलका याग्निक ने अपनी आवाज से सजाया था।

अलका याग्निक ने दी सदाबहार गाने को आवाज

अलका याग्निक ने दी सदाबहार गाने को आवाज 

HighLights

  1. अलका याग्निक ने दी सदाबहार गाने को आवाज 

  2. माधुरी पर फिल्माया गया था कल्ट गाना

  3. 29 साल पुराना है ये आइकॉनिक गीत  

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अलका याग्निक ने भारतीय सिनेमा को एक से बढ़कर एक गाने दिए हैं जिनमें से कई इतने आइकॉनिक बन गए कि आज भी म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं प्यार में पड़े लोग आज भी इन गानों को गुनगुनाते हैं।

इन्हीं सदाबहार गानों में में से एक है 29 साल पुराना जिसे गीत जिसे माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) पर फिल्माया गया था और अलका याग्निक (Alka Yagnik) ने इसे अपनी मधुर आवाज से सजाया था।

'गूंगी' मोहब्बत के लिए माधुरी ने झूम-झूमकर गाया था ये गीत

दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह गाना 1997 में रिलीज हुई फिल्म कोयला का है। जिसमें शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) का किरदार शंकर गूंगा था जिसके प्यार में पड़ी माधुरी दीक्षित पर इस गीत को फिल्माया गया था।

madhuri dixit (2)

इस गीत के लिरिक्स हैं- देखा तुझे तो, हो गई दीवानी..पालूं तुझे तो मर ना जाऊं कहीं (Dekha Tujhe Toh, Ho Gayi Deewani)। जिसे अलका याग्निक ने अपने सुरों से सजाया था वहीं उनका साथ कुमार सानू (Kumar Sanu) ने दिया था। इसके बोल इंदीवर ने लिखे थे और इसे म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन हैं।

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दिलचस्प है फिल्म की कहानी

कोयला (Koyla) फिल्म की कहानी में राजा साहब (अमरीश पुरी का किरदार) एक बेरहम और अमीर कोयला खदान का मालिक होता है जो गौरी (माधुरी दीक्षित का किरदार) नाम की एक भोली-भाली गांव की लड़की से शादी करना चाहता है। उसे पाने के लिए, वह उसे अपने वफादार और हैंडसम गूंगे नौकर, शंकर (Shah Rukh Khan) की तस्वीर भेजता है और कहता है कि यह तस्वीर उसी की है।

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गौरी शादी के लिए मान जाती है, लेकिन शादी की रात उसे कड़वी सच्चाई का पता चलता है। राजा साहब के जालिम घर में फंसी गौरी, उसके गलत इरादों का विरोध करती है और उसे बहुत ज़ुल्म सहना पड़ता है। इस बीच शंकर उसे भागने में मदद करता है लेकिन राजा साहब दोनों का पीछा करते हैं।

क्या है शंकर, गौरी को भगाने में कामयाब होता है? क्या गौरी फिर से राजा साहब की कैद में चली जाती है? या फिर कहानी में कुछ और ट्विस्ट है? इन सब बातों का जवाब फिल्म देती है। यह 1997 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर एवरेज रही थी।

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