नई दिल्ली, जेएनएन। बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर इंडस्ट्री के जाने माने अ​भिनेता हैं। अपनी लाइफ मं कई उतार चढ़ाव देख चुके अर्जुन आज इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल कर चुके हैं। अर्जुन ने अपने करियर में कई फिल्में की हैं और कई किरदारों के पर्दे पर जिया है। आज अर्जुन का जन्मदिन है। आज अर्जुन अपना 36वां जन्मदिन है। इस खास मौके पर उनकी फैमिली और फैंस उन्हें ढेर सारी बधाई दे रहे हैं। अर्जुन कपूर अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहे है।

वहीं अर्जुन और उनकी सौतेली मां श्रीदेवी के बीच रिश्ते कभी अच्छे नहीं थे। अर्जुन ने सालों तक श्रीदेवी से बात नहीं की थी। लेकिन जब श्रीदेवी का निधन हुआ था उसके बाद अर्जुन ने सब कुछ भूलाकर जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को संभाला था। यहीं नहीं उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में पिता का पूरा साथ दिया था। श्रीदेवी के निधन के बाद अर्जुन ने उनकी मौत की खबर पर उनका क्या रिएक्शन था इस बात का खुलासा करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में किया था।

 

 

 

 

 

 

 

 

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श्रीदेवी के निधन के बाद जब अर्जुन कपूर फिल्ममेकर करण जौहर के चैट शो में पहंचे थे तब उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए थे। इस शो में अर्जुन कपूर अकेले नहीं गए थे। उनके साथ इस शो में जह्नवी कपूर भी पहुंची थीं। शो के दौरान भाई-बहन की इस जोड़ी को काफी पसंद किया गया था। इस दौरान करण ने अर्जुन ने सवाल पूछा था कि जब आपको श्रीदेवी की मौत की खबर मिली थी उस वक्त आपका क्या रिएक्शन था। इस पर अर्जुन ने कहा था, 'उनके जाने की खबर ने एक पल में मेरी पूरी ज‍िंदगी को बदलकर रख दिया था। मैं कभी भी नहीं चाहता जो उनके साथ हुआ वो भगवान किसी दुश्मन के साथ भी ऐसा न करें। उनके निधन के बाद मैंने और अंशुला ने जो भी किया वो पूरी इमानदारी और सच्चाई के साथ किया।'

 

 

 

 

 

 

 

 

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इसी चैट शो में अर्जुन ने बताया, 'जिस तरह से जाह्नवी और खुशी ने अपनी मां को खोया उसकी तरह कुछ सालों पहले मैंने और अंशुला ने अपनी मां को खोया था। इसलिए हमें जाह्नवी और खुशी की स्थिति का अंदाजा था। हम दोनों को उनके दर्द का अहसास था की ऐसे वक्त में किसी सपोर्ट की कितनी जरूरत होती है। लेकिन जब हमारी मां का निधन हुआ था उस वक्त ऐसा सपोर्ट मुझे और अंशुला को नहीं मिला था। वहीं इसका ये कतई मतलब नहीं कि इस स्पोर्ट और प्यार से खुशी और जाह्नवी दूर रहें। अगर आज मां जिंदा होतीं तो वो भी यहीं चाहतीं।'

Edited By: Priti Kushwaha