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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार की पार्टी के नाम से बंगाल में चुनाव लड़ेगी आइएसएफ, आधिकारिक तौर पर नहीं हुआ पंजीकरण

By Neel RajputEdited By:
Published: Wed, 17 Mar 2021 05:21 PM (IST)

आइएसएफ के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि उनकी पार्टी के साथ राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी का गठबंधन है इसलिए ...और पढ़ें

आइएसएफ के उम्मीदवारों ने अन्य पार्टी के नाम पर किया है नामांकन
आइएसएफ के उम्मीदवारों ने अन्य पार्टी के नाम पर किया है नामांकन

कोलकाता, जेएनएन। फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) बिहार की राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी के नाम व चुनाव चिन्ह से बंगाल विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। इसकी वजह यह है कि आइएसएफ का अब तक आधिकारिक तौर पर पंजीकरण नहीं हुआ है इसलिए अपने नाम व चुनाव चिन्ह से मौजूदा चुनाव लड़ना उसके लिए संभव नहीं है।

चुनाव आयोग के पास पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा चुका है लेकिन अब तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। ऐसी सूरत में आइएसएफ के उम्मीदवारों को निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ता। उस स्थिति में अलग-अलग सीट पर चुनाव आयोग की तरफ से आइएसएफ के उम्मीदवारों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह दिया जाता। इससे पूरे राज्य में एक ही चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ना आइएसएफ के लिए संभव नहीं हो पाता। इससे आइएसएफ समर्थकों में भी भ्रम की स्थिति पैदा होने की आशंका थी। कागजी तौर पर आइएसएफ का चुनाव चिन्ह लिफाफा होने पर भी यह उसका अपना चुनाव चिन्ह नहीं है।

आइएसएफ के उम्मीदवारों ने अपनी पार्टी के नाम पर नामांकन नहीं किया है। आइएसएफ राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल कर रही है। आइएसएफ के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि उनकी पार्टी के साथ राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी का गठबंधन है इसलिए उसके नाम व चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने में कोई समस्या नहीं है। इससे पहले आइएसएफ उम्मीदवारों की किल्लत से भी जूझ रही थी। इस कारण कई सीटों पर वह उम्मीदवार भी नहीं दे पाई थी। बाद में वामदलों ने वहां से अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।

आइएसएफ की खातिर माकपा ने कई सीटों की दी कुर्बानी

इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के लिए माकपा ने अपनी कई पारंपरिक विधानसभा सीटों की कुर्बानी दी है। इनमें रायपुर, महिषादल, मगराहाट पूर्व, कुलपी, मंदिरबाजार, जगतबल्लभपुर, हरिपाल, खानाकुल, मटियाब्रुज, उलबेरिया, राणाघाट उत्तर व पूर्व, कृष्णगंज, संदेशखाली, चापड़ा, अशोकनगर, जंगीपाड़ा, आमडांगा, आसनसोल उत्तर, इंटाली, कैनिंग पूर्व, मध्यमग्राम, हाड़ोआ, मयूरेश्वर और चंद्रकोना की विधानसभा सीटें शामिल हैं। 2011 से पहले तक इन सभी सीटों पर माकपा के विधायक थे।