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बंगाल चुनाव: 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग, आयोग को सौंपी गई शिकायत

Published: Thu, 30 Apr 2026 12:05 AM (GMT+05:30)

बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न होते ही विवादों और शिकायतों का दौर शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

बंगाल चुनाव: 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग (फोटो- एक्स)

बंगाल चुनाव: 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. मतदान संपन्न होते ही विवादों और शिकायतों का दौर शुरू

  2. इन में अभिषेक के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर के हैं 64 मतदान केंद्र

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न होते ही विवादों और शिकायतों का दौर शुरू हो गया है। दक्षिण 24 परगना जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के कुल 77 मतदान केंद्रों पर धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से पुनर्मतदान कराने की अपील की गई है।

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जिन 77 बूथों पर दोबारा वोटिंग की मांग की गई है, उनमें से 64 मतदान केंद्र तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर के अंतर्गत आते हैं। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुनर्मतदान की सबसे अधिक मांग फलता निर्वाचन क्षेत्र के 32 बूथों के लिए की गई है, जबकि डायमंड हार्बर विधानसभा के 29 और बजबज के तीन बूथों पर भी सवाल उठाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त जयनगर लोकसभा क्षेत्र के मगराहाट पूर्व विधानसभा के 13 बूथों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

राजनीतिक गलियारों में यह मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है क्योंकि पहले चरण के मतदान के बाद ऐसी कोई बड़ी मांग सामने नहीं आई थी। सूत्रों के मुताबिक, पुनर्मतदान के लिए अधिकांश आवेदन मुख्य विपक्षी दल भाजपा की ओर से दिए गए हैं।

शिकायतों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। विशेष रूप से फलता क्षेत्र चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां बुधवार को कुछ बूथों पर ईवीएम मशीनों पर टेप लगे होने की शिकायतें भी दर्ज की गईं।

निर्वाचन आयोग वर्तमान में इन शिकायतों की गंभीरता से जांच कर रहा है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पुनर्मतदान की घोषणा नहीं की गई है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।