नई दिल्‍ली, एजेंसियां/ब्‍यूरो। पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार बृहस्‍पतिवार शाम को थम गया। अब शनिवार यानी 27 मार्च को दोनों ही राज्‍यों में पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बालीवुड स्टार मिथुन चक्रवर्ती, सांसद व पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर, गायक एवं अभिनेता मनोज तिवारी को मैदान में उतारा था।

वहीं, तृणमूल के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी ने ताबड़तोड़ सभाएं और रोड शो किए। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी से लेकर माकपा राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा भी प्रचार के लिए जुटे रहे। पहले चरण में पश्चिम बंगाल के जंगलमहल के पांच जिलों की तीस विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इन तीस सीटों पर 191 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जिन सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे उनमें बांकुड़ा की चार, पुरुलिया की नौ, झाड़ग्राम की चार, पूर्व मेदिनीपुर की सात व पश्चिम मेदिनीपुर की छह सीटें शामिल हैं।

बंगाल में पहले चरण के 30 में से सात निर्वाचन क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। बंगाल में इस चरण के लिए चुनाव लड़ रहे 191 में से 19 उम्मीदवार करोड़पति हैं। सबसे कम संपत्ति वाले दो उम्मीदवार हैं, जिनकी कुल संपत्ति 500 रुपये है। असम में 27 मार्च को 47 सीटों पर होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए 269 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पहले चरण के लिए कुल 269 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे जिनमें 10 उम्मीदवारों के कागजात रद हो गए जबकि 16 ने नामांकन वापस ले लिया था।

असम में पहले चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में माजुली से मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, जोरहट से विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी, बोकाखाट से असम गण परिषद के मंत्री अतुल बोरा और कालियाबोर से केशव महंत हैं। अन्य महत्वपूर्ण प्रत्‍याशियों में गोहपुर से असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा और नाजिरा से , कांग्रेस विधायक दल के नेता देवव्रत सैकिया चुनाव लड़ रहे हैं। असम में तीन चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में 27 मार्च को, दूसरे चरण में एक अप्रैल को और तीसरे चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना दो मई को होगी।